Correct Answer:
Option D - ‘जि’ धातो: ‘तुमुन्’ प्रत्यय के संयोग से जेतुम् रूप होता है। जब कोई दूसरी क्रिया करने के लिए कोई क्रिया करता है, तब जिस क्रिया के लिए क्रिया की जाती है, उसकी धातु में तुमुन् (तुम्) प्रत्यय लगता है यथा– जि + तुमुन् = जेतुम्।
D. ‘जि’ धातो: ‘तुमुन्’ प्रत्यय के संयोग से जेतुम् रूप होता है। जब कोई दूसरी क्रिया करने के लिए कोई क्रिया करता है, तब जिस क्रिया के लिए क्रिया की जाती है, उसकी धातु में तुमुन् (तुम्) प्रत्यय लगता है यथा– जि + तुमुन् = जेतुम्।