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Q: It is necessary to install rain gauges in the catchment area of a dam with facilities of recording and transmitting the rainfall values to the control station of the dam with least human intervention. Identify the rain gauge that is NOT suited to serve the purpose. कम से कम मानव हस्तक्षेप के साथ बांध के नियंत्रण स्टेशन पर वर्षा के मूल्यों को रिकॉर्ड करने और संचारित करने की सुविधाओं के साथ एक बांध के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा गेज स्थापित करना आवश्यक हैे। वर्षा गेज की पहचान करें जो उद्देश्य की पूर्ति के लिए उपयुक्त नहीं है।
  • A. Tipping bucket type/ टिपिंग बकेट वर्षामापी
  • B. Weighing bucket type/ तुला प्रकार का वर्षामापी
  • C. Symon's rain gauge/साइमन वर्षामापी
  • D. Syphon type/साइफन वर्षामापी
Correct Answer: Option C - वर्षामापी के प्रकार (Types of raingauge)– वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार का होता है। (1) रिकार्डिंग (Recording) (2) नॉन रिकार्डिंग (Non Recording) साइमन वर्षामापी(Symon Raingauge)–साइमन वर्षामापी एक प्रकार का नॉन रिकार्डिंग वर्षामापी (Non Recording Raingauge) होता है जिसका व्यास 127 mm तक होता है। रिकार्डिंग वर्षामापी (Recording Rain gauge)– यह दो प्रकार का होता है– 1. Telemitering Raingauge:– यह एक रिकार्डिंग वर्षामापी है। इस वर्षामापी में विद्युत (Electricity) का उपयोग किया जाता है। यह डाटा को रिकार्ड रखता है तथा इसे मुख्य स्टेशन तक पहुंचाता है। 2. रडार वर्षामापी (Radar Raingauge):– यह शुद्धतम कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। रडार वर्षामापी में (3–10) सेमी. तरंगदैर्घ्य का प्रयोग किया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी निम्नलिखित है– (i) टिपिंग बकेट वर्षामापी (ii) तुला प्रकार का वर्षामापी (iii) प्लव प्रकार का वर्षामापी
C. वर्षामापी के प्रकार (Types of raingauge)– वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार का होता है। (1) रिकार्डिंग (Recording) (2) नॉन रिकार्डिंग (Non Recording) साइमन वर्षामापी(Symon Raingauge)–साइमन वर्षामापी एक प्रकार का नॉन रिकार्डिंग वर्षामापी (Non Recording Raingauge) होता है जिसका व्यास 127 mm तक होता है। रिकार्डिंग वर्षामापी (Recording Rain gauge)– यह दो प्रकार का होता है– 1. Telemitering Raingauge:– यह एक रिकार्डिंग वर्षामापी है। इस वर्षामापी में विद्युत (Electricity) का उपयोग किया जाता है। यह डाटा को रिकार्ड रखता है तथा इसे मुख्य स्टेशन तक पहुंचाता है। 2. रडार वर्षामापी (Radar Raingauge):– यह शुद्धतम कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। रडार वर्षामापी में (3–10) सेमी. तरंगदैर्घ्य का प्रयोग किया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी निम्नलिखित है– (i) टिपिंग बकेट वर्षामापी (ii) तुला प्रकार का वर्षामापी (iii) प्लव प्रकार का वर्षामापी

Explanations:

वर्षामापी के प्रकार (Types of raingauge)– वर्षामापी मुख्यत: दो प्रकार का होता है। (1) रिकार्डिंग (Recording) (2) नॉन रिकार्डिंग (Non Recording) साइमन वर्षामापी(Symon Raingauge)–साइमन वर्षामापी एक प्रकार का नॉन रिकार्डिंग वर्षामापी (Non Recording Raingauge) होता है जिसका व्यास 127 mm तक होता है। रिकार्डिंग वर्षामापी (Recording Rain gauge)– यह दो प्रकार का होता है– 1. Telemitering Raingauge:– यह एक रिकार्डिंग वर्षामापी है। इस वर्षामापी में विद्युत (Electricity) का उपयोग किया जाता है। यह डाटा को रिकार्ड रखता है तथा इसे मुख्य स्टेशन तक पहुंचाता है। 2. रडार वर्षामापी (Radar Raingauge):– यह शुद्धतम कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। रडार वर्षामापी में (3–10) सेमी. तरंगदैर्घ्य का प्रयोग किया जाता है। स्वत: अभिलेखी वर्षामापी निम्नलिखित है– (i) टिपिंग बकेट वर्षामापी (ii) तुला प्रकार का वर्षामापी (iii) प्लव प्रकार का वर्षामापी