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Q: ......... is the study of cognitive development that is concerned with basic mechanics of learning . ______ संज्ञानात्मक विकास का अध्ययन है जो सीखने के बुनियादी यांत्रिकी से संबंधित है।
  • A. Psychometric approach/साइकामेट्रिक दृष्टिकोण
  • B. Piagetian approach/पियाजेटियन दृष्टिकोण
  • C. Bayley approach/बेली दृष्टिकोण
  • D. Behaviorist approach/व्यवहारवादी दृष्टिकोण
Correct Answer: Option D - व्यवहारवादी दृष्टिकोण, संज्ञानात्मक विकास का अध्ययन है जो सीखने के बुनियादी यांत्रिकी से सम्बन्धित है। व्यवहारवादी दृष्टिकोण को समकालीन अथवा आधुनिक उपागम भी कहा जाता है। व्यवहारवाद एक ऐसी समग्र क्रान्ति है जो राजनीति शास्त्र को तथा इसकी अन्य शाखाओं को व्यवहारवादी चरम से देखती है। व्यवहारवाद के प्रतिपादक जे.बी. वॉटसन हैं। यह उस समय हॉकिन्स यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे। जे.बी. वॉटसन ने व्यवहारवाद को दो श्रेणियों में विभाजित किया- प्राथमिक उपक्रम : इसके अन्तर्गत इन्होने वस्तुनिष्ठ मनोविज्ञान, प्रेक्षण और अनुबंधन महत्व, आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को रखा है। गौण उपक्रम : गौण उपक्रम के अन्तर्गत चेतना व संरचनावाद/प्रकार्यवाद को नकार दिया गया है और तात्विक/आमूल व्यवहारवाद को तथा इन्होंने आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को अधिक महत्व दिया है न कि चेतना को।
D. व्यवहारवादी दृष्टिकोण, संज्ञानात्मक विकास का अध्ययन है जो सीखने के बुनियादी यांत्रिकी से सम्बन्धित है। व्यवहारवादी दृष्टिकोण को समकालीन अथवा आधुनिक उपागम भी कहा जाता है। व्यवहारवाद एक ऐसी समग्र क्रान्ति है जो राजनीति शास्त्र को तथा इसकी अन्य शाखाओं को व्यवहारवादी चरम से देखती है। व्यवहारवाद के प्रतिपादक जे.बी. वॉटसन हैं। यह उस समय हॉकिन्स यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे। जे.बी. वॉटसन ने व्यवहारवाद को दो श्रेणियों में विभाजित किया- प्राथमिक उपक्रम : इसके अन्तर्गत इन्होने वस्तुनिष्ठ मनोविज्ञान, प्रेक्षण और अनुबंधन महत्व, आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को रखा है। गौण उपक्रम : गौण उपक्रम के अन्तर्गत चेतना व संरचनावाद/प्रकार्यवाद को नकार दिया गया है और तात्विक/आमूल व्यवहारवाद को तथा इन्होंने आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को अधिक महत्व दिया है न कि चेतना को।

Explanations:

व्यवहारवादी दृष्टिकोण, संज्ञानात्मक विकास का अध्ययन है जो सीखने के बुनियादी यांत्रिकी से सम्बन्धित है। व्यवहारवादी दृष्टिकोण को समकालीन अथवा आधुनिक उपागम भी कहा जाता है। व्यवहारवाद एक ऐसी समग्र क्रान्ति है जो राजनीति शास्त्र को तथा इसकी अन्य शाखाओं को व्यवहारवादी चरम से देखती है। व्यवहारवाद के प्रतिपादक जे.बी. वॉटसन हैं। यह उस समय हॉकिन्स यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे। जे.बी. वॉटसन ने व्यवहारवाद को दो श्रेणियों में विभाजित किया- प्राथमिक उपक्रम : इसके अन्तर्गत इन्होने वस्तुनिष्ठ मनोविज्ञान, प्रेक्षण और अनुबंधन महत्व, आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को रखा है। गौण उपक्रम : गौण उपक्रम के अन्तर्गत चेतना व संरचनावाद/प्रकार्यवाद को नकार दिया गया है और तात्विक/आमूल व्यवहारवाद को तथा इन्होंने आनुभाविक/वर्गीकृत व्यवहारवाद को अधिक महत्व दिया है न कि चेतना को।