Correct Answer:
Option C - ■ विनाइल रेजिन के कई वर्ग है। ऐसीटिलीन गैस को एसीटिक अम्ल से क्रिया कराने पर, विनायल ऐसीटेट बनता है। ऐसीटिलीन गैस को सूखी हाइड्रोजन क्लोराइड से क्रिया कराने पर विनायल क्लोराइड बनता है।
■ विनाइल रेजिन का बहुलीकरण करने पर कई प्लास्टिक बनते हैं, जैसे पॉली विनायल क्लोराइड, पोली विनायल ऐसीटेट आदि।
■ जल रोधक के रूप में पॉलीइथाइलीन तथा पॉलीविनायल क्लोराइड रेजिन का निर्माण क्षेत्रों के विभिन्न भागों में उपयोग किया जाता है।
C. ■ विनाइल रेजिन के कई वर्ग है। ऐसीटिलीन गैस को एसीटिक अम्ल से क्रिया कराने पर, विनायल ऐसीटेट बनता है। ऐसीटिलीन गैस को सूखी हाइड्रोजन क्लोराइड से क्रिया कराने पर विनायल क्लोराइड बनता है।
■ विनाइल रेजिन का बहुलीकरण करने पर कई प्लास्टिक बनते हैं, जैसे पॉली विनायल क्लोराइड, पोली विनायल ऐसीटेट आदि।
■ जल रोधक के रूप में पॉलीइथाइलीन तथा पॉलीविनायल क्लोराइड रेजिन का निर्माण क्षेत्रों के विभिन्न भागों में उपयोग किया जाता है।