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Q: ,
  • A. छात्र के व्यक्तित्व का पोषण करना।
  • B. वास्तविक अवलोकन के स्थान पर पाठ्य पुस्तक विज्ञान की श्रेष्ठता को स्वीकार करने।
  • C. आलोचनात्मक चिंतन और समस्या समाधान के लिए क्षमता संवर्धन करने।
  • D. पाठ्य वस्तु और संदर्भों की बहुलता को बढ़ावा देने।
Correct Answer: Option B - पर्यावरण अध्ययन एक एकीकृत विषय है जिसमें बच्चा अपना परिवेश (प्राकृतिक व सामाजिक) के साथ अंत: क्रिया करके सीखता है • यह छात्रों के व्यक्त्वि को पोषित करता है • यह छात्रों में सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण को संरक्षित करते है। • पर्यावरण की रक्षा के लिए उपायों का मूल्यांकन और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करता है। • आलोचनात्मक चिंतन अ‍ैर समस्या समाधान के लिए क्षमता संवर्धन करने। • पाठ्य वस्तु और संदर्भो की बहुलता को बढ़ावा देना। अत: वास्तविक अवलोकन के स्थान पर पाठ्य पुस्तक विज्ञान की श्रेष्ठता पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र के संदर्भ में एक वांछनीय अभ्यास नही है।
B. पर्यावरण अध्ययन एक एकीकृत विषय है जिसमें बच्चा अपना परिवेश (प्राकृतिक व सामाजिक) के साथ अंत: क्रिया करके सीखता है • यह छात्रों के व्यक्त्वि को पोषित करता है • यह छात्रों में सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण को संरक्षित करते है। • पर्यावरण की रक्षा के लिए उपायों का मूल्यांकन और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करता है। • आलोचनात्मक चिंतन अ‍ैर समस्या समाधान के लिए क्षमता संवर्धन करने। • पाठ्य वस्तु और संदर्भो की बहुलता को बढ़ावा देना। अत: वास्तविक अवलोकन के स्थान पर पाठ्य पुस्तक विज्ञान की श्रेष्ठता पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र के संदर्भ में एक वांछनीय अभ्यास नही है।

Explanations:

पर्यावरण अध्ययन एक एकीकृत विषय है जिसमें बच्चा अपना परिवेश (प्राकृतिक व सामाजिक) के साथ अंत: क्रिया करके सीखता है • यह छात्रों के व्यक्त्वि को पोषित करता है • यह छात्रों में सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण को संरक्षित करते है। • पर्यावरण की रक्षा के लिए उपायों का मूल्यांकन और विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करता है। • आलोचनात्मक चिंतन अ‍ैर समस्या समाधान के लिए क्षमता संवर्धन करने। • पाठ्य वस्तु और संदर्भो की बहुलता को बढ़ावा देना। अत: वास्तविक अवलोकन के स्थान पर पाठ्य पुस्तक विज्ञान की श्रेष्ठता पर्यावरण अध्ययन के शिक्षण शास्त्र के संदर्भ में एक वांछनीय अभ्यास नही है।