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Q: _______ is the method of measuring small areas of the earth's surface by disregarding curvature and geoids effects. वक्रता और गोलाभ प्रभावों की उपेक्षा करके पृथ्वी की सतह के छोटे क्षेत्रों को मापने की विधि _____कहलाती है।
  • A. Plane survey/समतल सर्वेक्षण
  • B. Geodetic survey/भू-पृष्ठीय सर्वेक्षण
  • C. City survey/शहर सर्वेक्षण
  • D. Cadastral survey/भूकर सर्वेक्षण
Correct Answer: Option A - समतल सर्वेक्षण– इस सर्वेक्षण में पृथ्वी की वक्रता पर ध्यान नहीं दिया जाता है और भू-पृष्ठ को समतल मान लिया जाता है। छोटे भू-खण्डों के सर्वेक्षण के लिए समतल सर्वेक्षण ही पर्याप्त समझा जाता है। ∎ पृथ्वी की सतह पर वक्रता के कारण 12 किमी. की दूरी में केवल 1 सेमी. का अन्तर आता है। ∎ 260 वर्ग किमी. तक का क्षेत्र छोटा क्षेत्र माना जाता है। भू-पृष्ठीय सर्वेक्षण– इस प्रकार के सर्वेक्षण में पृथ्वी की ऊपरी सतह और वक्रता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है और भूमि सतह पर स्थित सभी रेखाएँ वक्र मानी जाती है।
A. समतल सर्वेक्षण– इस सर्वेक्षण में पृथ्वी की वक्रता पर ध्यान नहीं दिया जाता है और भू-पृष्ठ को समतल मान लिया जाता है। छोटे भू-खण्डों के सर्वेक्षण के लिए समतल सर्वेक्षण ही पर्याप्त समझा जाता है। ∎ पृथ्वी की सतह पर वक्रता के कारण 12 किमी. की दूरी में केवल 1 सेमी. का अन्तर आता है। ∎ 260 वर्ग किमी. तक का क्षेत्र छोटा क्षेत्र माना जाता है। भू-पृष्ठीय सर्वेक्षण– इस प्रकार के सर्वेक्षण में पृथ्वी की ऊपरी सतह और वक्रता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है और भूमि सतह पर स्थित सभी रेखाएँ वक्र मानी जाती है।

Explanations:

समतल सर्वेक्षण– इस सर्वेक्षण में पृथ्वी की वक्रता पर ध्यान नहीं दिया जाता है और भू-पृष्ठ को समतल मान लिया जाता है। छोटे भू-खण्डों के सर्वेक्षण के लिए समतल सर्वेक्षण ही पर्याप्त समझा जाता है। ∎ पृथ्वी की सतह पर वक्रता के कारण 12 किमी. की दूरी में केवल 1 सेमी. का अन्तर आता है। ∎ 260 वर्ग किमी. तक का क्षेत्र छोटा क्षेत्र माना जाता है। भू-पृष्ठीय सर्वेक्षण– इस प्रकार के सर्वेक्षण में पृथ्वी की ऊपरी सतह और वक्रता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है और भूमि सतह पर स्थित सभी रेखाएँ वक्र मानी जाती है।