Correct Answer:
Option C - अप्रत्यक्ष या अन्योन्य आरेखण (Indirect or reciprocal ranging)– जब दो बिन्दुओं की सीध पर कोई टीला ऊँची धरती आ जाये, अथवा इनमें दूरी बहुत अधिक हो, जिसके कारण इन बिन्दुओं पर लगे दण्ड आपस में दिखाई न पड़े तो प्रत्यक्ष आरेखण सम्भव नहीं है। ऐसी स्थिति में अप्रत्यक्ष (अन्योन्य) आरेखण अपनाया जाता है। इसके लिये दोनों मुख्य बिन्दुओं (स्टेशन) के मध्य अन्तवर्ती बिन्दु (Intermediate points) स्थापित किये जाते हैं। जहाँ से मुख्य बिन्दु स्पष्ट दिखायी पड़े तथा इसमें आरेखण दण्ड की न्यूनतम संख्या 4 लेते हैं।
C. अप्रत्यक्ष या अन्योन्य आरेखण (Indirect or reciprocal ranging)– जब दो बिन्दुओं की सीध पर कोई टीला ऊँची धरती आ जाये, अथवा इनमें दूरी बहुत अधिक हो, जिसके कारण इन बिन्दुओं पर लगे दण्ड आपस में दिखाई न पड़े तो प्रत्यक्ष आरेखण सम्भव नहीं है। ऐसी स्थिति में अप्रत्यक्ष (अन्योन्य) आरेखण अपनाया जाता है। इसके लिये दोनों मुख्य बिन्दुओं (स्टेशन) के मध्य अन्तवर्ती बिन्दु (Intermediate points) स्थापित किये जाते हैं। जहाँ से मुख्य बिन्दु स्पष्ट दिखायी पड़े तथा इसमें आरेखण दण्ड की न्यूनतम संख्या 4 लेते हैं।