Correct Answer:
Option C - रोकड़ बही की विशेषताएँ
(1) रोकड़ बही में केवल नकद व्यवहारों ‘‘लेनदेनों का तिथिवार लेखा’’ किया जाता है।
(2) रोकड़ बही के डेबिट पक्ष में नकद प्राप्तियों एवं नकद भुगतानों का लेखा किया जाता है।
(3) रोकड़ बही एक प्रारम्भिक लेखे की बही है, जो साथ-साथ खाता बही (Ledger) का कार्य भी करती है।
(4) रोकड़ बही का सदैव ऋणी शेष (Debit Balance) होता है।
(5) व्यवहार में रोकड़ बही (Cash Book), रोकड़ खाता (Cash Account) का विकल्प है।
अत: विकल्प (c) यह जर्नल के मिश्रण के साथ-साथ लेजर भी है।
C. रोकड़ बही की विशेषताएँ
(1) रोकड़ बही में केवल नकद व्यवहारों ‘‘लेनदेनों का तिथिवार लेखा’’ किया जाता है।
(2) रोकड़ बही के डेबिट पक्ष में नकद प्राप्तियों एवं नकद भुगतानों का लेखा किया जाता है।
(3) रोकड़ बही एक प्रारम्भिक लेखे की बही है, जो साथ-साथ खाता बही (Ledger) का कार्य भी करती है।
(4) रोकड़ बही का सदैव ऋणी शेष (Debit Balance) होता है।
(5) व्यवहार में रोकड़ बही (Cash Book), रोकड़ खाता (Cash Account) का विकल्प है।
अत: विकल्प (c) यह जर्नल के मिश्रण के साथ-साथ लेजर भी है।