Correct Answer:
Option C - स्टील पर पतली फॉस्फेट की परत चढ़ाने को फास्फेट लेपन या पार्करीकरण (Phosphate coating or Parkerizing) कहते हैं। इसी प्रकार स्टील की प्लेट पर टिन लेपन को गैल्वेनीकरण (Galvanizing) कहते हैं। तप्त निमज्जन आधार धातुओं पर संक्षारण प्रतिरोधी धातुओं का लेप चढ़ाने की एक द्रुत व सस्ती विधि है। जिसका विस्तृत उपयोग लोहे तथा इस्पात पर जस्ते की परत चढ़ाने के लिए किया जाता है।
∎ फास्फेट लेपन का व्यापक उपयोग आटोमोटिव तथा विद्युत उपकरण उद्योगों में निर्मित आटोमोबाइल्स, कपड़ा धोने वाली मशीनों में प्रयोग होता है।
∎ फास्फेट लेपन की पार्करीकरण नामक विधि द्वारा 0.0038 mm से 0.0075 mm मोटाई का श्रेष्ठ संक्षारण रोधी पृष्ठ 45 min में प्राप्त हो जाता है।
C. स्टील पर पतली फॉस्फेट की परत चढ़ाने को फास्फेट लेपन या पार्करीकरण (Phosphate coating or Parkerizing) कहते हैं। इसी प्रकार स्टील की प्लेट पर टिन लेपन को गैल्वेनीकरण (Galvanizing) कहते हैं। तप्त निमज्जन आधार धातुओं पर संक्षारण प्रतिरोधी धातुओं का लेप चढ़ाने की एक द्रुत व सस्ती विधि है। जिसका विस्तृत उपयोग लोहे तथा इस्पात पर जस्ते की परत चढ़ाने के लिए किया जाता है।
∎ फास्फेट लेपन का व्यापक उपयोग आटोमोटिव तथा विद्युत उपकरण उद्योगों में निर्मित आटोमोबाइल्स, कपड़ा धोने वाली मशीनों में प्रयोग होता है।
∎ फास्फेट लेपन की पार्करीकरण नामक विधि द्वारा 0.0038 mm से 0.0075 mm मोटाई का श्रेष्ठ संक्षारण रोधी पृष्ठ 45 min में प्राप्त हो जाता है।