search
Q: .
  • A. A B C D III II I IV
  • B. A B C D III I II IV
  • C. A B C D III IV II I
  • D. A B C D I III II IV
Correct Answer: Option B - सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है– सूची-I सूची-II (अंधा युग अंक) (शीर्षक) दूसरा अंक – पशु का उदय तीसरा अंक – अश्वत्थामा का अद्र्धसत्य चौथा अंक – गांधारी का शाप पाँचवा अंक – विजय एक क्रमिक आत्महत्या • इस नाटक में पाँच अंक और आठ भाग हैं। स्थापना, अंतराल और समापन ये तीनों अंक नहीं हैं। • प्रथम अंक - कौरव नगरी है।, समापन ‘प्रभु की मृत्यु’। नाटक के पात्र – नाटक में कुल सोलह (16) पात्र हैं। जिसमें 15 पुरुष पात्र और एक स्त्री पात्र हैं। • धर्मवीर भारती कृत अंधा युग गीति नाट्क 1955 ई. में प्रकाशित हुआ। इनकी अन्य काव्यकृतियाँ – ठंडा लोहा (1946 ई.), कनुप्रिया (1959 ई.), सात गीत वर्ष, सपना अभी भी आदि।
B. सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है– सूची-I सूची-II (अंधा युग अंक) (शीर्षक) दूसरा अंक – पशु का उदय तीसरा अंक – अश्वत्थामा का अद्र्धसत्य चौथा अंक – गांधारी का शाप पाँचवा अंक – विजय एक क्रमिक आत्महत्या • इस नाटक में पाँच अंक और आठ भाग हैं। स्थापना, अंतराल और समापन ये तीनों अंक नहीं हैं। • प्रथम अंक - कौरव नगरी है।, समापन ‘प्रभु की मृत्यु’। नाटक के पात्र – नाटक में कुल सोलह (16) पात्र हैं। जिसमें 15 पुरुष पात्र और एक स्त्री पात्र हैं। • धर्मवीर भारती कृत अंधा युग गीति नाट्क 1955 ई. में प्रकाशित हुआ। इनकी अन्य काव्यकृतियाँ – ठंडा लोहा (1946 ई.), कनुप्रिया (1959 ई.), सात गीत वर्ष, सपना अभी भी आदि।

Explanations:

सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान इस प्रकार है– सूची-I सूची-II (अंधा युग अंक) (शीर्षक) दूसरा अंक – पशु का उदय तीसरा अंक – अश्वत्थामा का अद्र्धसत्य चौथा अंक – गांधारी का शाप पाँचवा अंक – विजय एक क्रमिक आत्महत्या • इस नाटक में पाँच अंक और आठ भाग हैं। स्थापना, अंतराल और समापन ये तीनों अंक नहीं हैं। • प्रथम अंक - कौरव नगरी है।, समापन ‘प्रभु की मृत्यु’। नाटक के पात्र – नाटक में कुल सोलह (16) पात्र हैं। जिसमें 15 पुरुष पात्र और एक स्त्री पात्र हैं। • धर्मवीर भारती कृत अंधा युग गीति नाट्क 1955 ई. में प्रकाशित हुआ। इनकी अन्य काव्यकृतियाँ – ठंडा लोहा (1946 ई.), कनुप्रिया (1959 ई.), सात गीत वर्ष, सपना अभी भी आदि।