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Q: ___ is a means to bring about equality and equitable outcomes./......... समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है।
  • A. Inclination/झुकाव
  • B. Equity/समता
  • C. Tendency/प्रवृत्ति
  • D. Proclivity/इच्छा
Correct Answer: Option B - समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है। भारतीय संविधान के भाग 3 में मौलिक अधिकारों के तहत अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत विधि के समक्ष समता एवं विधियों के समान संरक्षण का उपबंध किया गया है। संविधान का यह अनुच्छेद भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर भारतीय नागरिकों एवं विदेशी दोनों के लिए समान व्यवहार का उपबंध करता है। अनुच्छेद 14 से 18 तक इस प्रकार की गतिविधि का वर्णन किया गया है। समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18 ) कानून के समक्ष सभी के साथ समान व्यवहार का प्रावधान करता है, विभिन्न आधारों पर भेदभाव के रोकता है, सार्वजनिक रोजगार के मामलों में सभी को समान मानता है, और अस्पृश्यता को समाप्त करता है। इसीलिए समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है।
B. समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है। भारतीय संविधान के भाग 3 में मौलिक अधिकारों के तहत अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत विधि के समक्ष समता एवं विधियों के समान संरक्षण का उपबंध किया गया है। संविधान का यह अनुच्छेद भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर भारतीय नागरिकों एवं विदेशी दोनों के लिए समान व्यवहार का उपबंध करता है। अनुच्छेद 14 से 18 तक इस प्रकार की गतिविधि का वर्णन किया गया है। समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18 ) कानून के समक्ष सभी के साथ समान व्यवहार का प्रावधान करता है, विभिन्न आधारों पर भेदभाव के रोकता है, सार्वजनिक रोजगार के मामलों में सभी को समान मानता है, और अस्पृश्यता को समाप्त करता है। इसीलिए समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है।

Explanations:

समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है। भारतीय संविधान के भाग 3 में मौलिक अधिकारों के तहत अनुच्छेद 14 के अन्तर्गत विधि के समक्ष समता एवं विधियों के समान संरक्षण का उपबंध किया गया है। संविधान का यह अनुच्छेद भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर भारतीय नागरिकों एवं विदेशी दोनों के लिए समान व्यवहार का उपबंध करता है। अनुच्छेद 14 से 18 तक इस प्रकार की गतिविधि का वर्णन किया गया है। समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18 ) कानून के समक्ष सभी के साथ समान व्यवहार का प्रावधान करता है, विभिन्न आधारों पर भेदभाव के रोकता है, सार्वजनिक रोजगार के मामलों में सभी को समान मानता है, और अस्पृश्यता को समाप्त करता है। इसीलिए समता, समानता और न्यायसंगत परिणाम लाने का एक साधन है।