Correct Answer:
Option B - ‘कुण्डलिया’ छन्द में प्रथम व अंतिम शब्द समान होता है। यह यात्रिक विषम संयुक्त छंद है। इसके भी छप्पय की तरह छह चरण होते हैं। दोहा और रोला छन्द मिलाने से यह छन्द बनता है। इस छन्द की प्रथम चरण की रचना दोहे में प्रथम और द्वितीय चरण को मिलाकर होती है। फिर दोहे के तृतीय तथा चतुर्थ चरण मिलाने से इसका द्वितीय चरण बनता है। अन्त में रोले के चरण क्रमश: इसके तृतीय, चतुर्थ पंचम और षष्ठ चरण बनते हैं। दोहे का चौथा चरण रोले के प्रथम चरण में दोहराया जाता है और दोहे के प्रारम्भ का शब्द रोले के अन्त में आता है।
B. ‘कुण्डलिया’ छन्द में प्रथम व अंतिम शब्द समान होता है। यह यात्रिक विषम संयुक्त छंद है। इसके भी छप्पय की तरह छह चरण होते हैं। दोहा और रोला छन्द मिलाने से यह छन्द बनता है। इस छन्द की प्रथम चरण की रचना दोहे में प्रथम और द्वितीय चरण को मिलाकर होती है। फिर दोहे के तृतीय तथा चतुर्थ चरण मिलाने से इसका द्वितीय चरण बनता है। अन्त में रोले के चरण क्रमश: इसके तृतीय, चतुर्थ पंचम और षष्ठ चरण बनते हैं। दोहे का चौथा चरण रोले के प्रथम चरण में दोहराया जाता है और दोहे के प्रारम्भ का शब्द रोले के अन्त में आता है।