search
Q: .
  • A. उषा और ईश्वर
  • B. बीज और अंकुर
  • C. प्रकृति और पुरुष
  • D. पुरुष और परिस्थिति
Correct Answer: Option A - : दिया गया उद्धरण ‘‘प्रेम ने मनुष्य को मनुष्य बनाया’’ भय ने उसे समाज का रूप दिया। अहंकार ने उसे राष्ट्र में संगठित कर दिया।’’ ‘‘शेखर एक जीवनी’’ उपन्यास के दो भाग हैं प्रथम भाग का नाम ‘उत्थान’ तथा दूसरे भाग का नाम ‘संघर्ष’ है। ⦁ दूसरे भाग ‘संघर्ष’ के तीन उपभाग हैं- (i) पुरुष और परिस्थिति (ii) बंधन और जिज्ञासा (iii) शशि और शेखर। ⦁ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है, यह दो भागों में विभाजित है। प्रथम भाग का प्रकाशन 1940 ई. तथा दूसरे भाग का प्रकाशन 1944 ई. है। ⦁ नदी के द्वीप (1951 ई.) तथा अपने-अपने अजनबी (1961 ई.) अज्ञेय के अन्य उपन्यास हैं।
A. : दिया गया उद्धरण ‘‘प्रेम ने मनुष्य को मनुष्य बनाया’’ भय ने उसे समाज का रूप दिया। अहंकार ने उसे राष्ट्र में संगठित कर दिया।’’ ‘‘शेखर एक जीवनी’’ उपन्यास के दो भाग हैं प्रथम भाग का नाम ‘उत्थान’ तथा दूसरे भाग का नाम ‘संघर्ष’ है। ⦁ दूसरे भाग ‘संघर्ष’ के तीन उपभाग हैं- (i) पुरुष और परिस्थिति (ii) बंधन और जिज्ञासा (iii) शशि और शेखर। ⦁ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है, यह दो भागों में विभाजित है। प्रथम भाग का प्रकाशन 1940 ई. तथा दूसरे भाग का प्रकाशन 1944 ई. है। ⦁ नदी के द्वीप (1951 ई.) तथा अपने-अपने अजनबी (1961 ई.) अज्ञेय के अन्य उपन्यास हैं।

Explanations:

: दिया गया उद्धरण ‘‘प्रेम ने मनुष्य को मनुष्य बनाया’’ भय ने उसे समाज का रूप दिया। अहंकार ने उसे राष्ट्र में संगठित कर दिया।’’ ‘‘शेखर एक जीवनी’’ उपन्यास के दो भाग हैं प्रथम भाग का नाम ‘उत्थान’ तथा दूसरे भाग का नाम ‘संघर्ष’ है। ⦁ दूसरे भाग ‘संघर्ष’ के तीन उपभाग हैं- (i) पुरुष और परिस्थिति (ii) बंधन और जिज्ञासा (iii) शशि और शेखर। ⦁ ‘शेखर एक जीवनी’ अज्ञेय द्वारा रचित उपन्यास है, यह दो भागों में विभाजित है। प्रथम भाग का प्रकाशन 1940 ई. तथा दूसरे भाग का प्रकाशन 1944 ई. है। ⦁ नदी के द्वीप (1951 ई.) तथा अपने-अपने अजनबी (1961 ई.) अज्ञेय के अन्य उपन्यास हैं।