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Q: इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
  • A. रीवा विन्ध्य प्रदेश की राजधानी थी
  • B. ग्वालियर मध्य भारत की राजधानी थी
  • C. जबलपुर महाकौशल की राजधानी थी
  • D. भोपाल चोल राज्य की राजधानी थी
Correct Answer: Option D - सन् 1947 में सेंट्रल प्रोविन्स व बरार में बघेलखण्ड व छत्तीसगढ़ की रियासतों को सम्मिलित कर मध्य प्रदेश राज्य बना जो पार्ट ए का स्टेट था। इसकी राजधानी ‘नागपुर’ थी। 1947 मेंं ही उत्तर में स्थित रियासतों को मिलाकर विंध्य प्र्रदेश बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘रीवा’ थी। पूर्व मध्य प्रदेश के पश्चिमी रियासतों को मिलाकर मध्य भारत बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘ग्वालियर’ और इंदौर दोनों थी। भोपाल पृथक् राज्य था जो पार्ट सी का स्टेट था। सन् 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा राज्य की सीमा में निम्नलिखित परिवर्तन किये गये। बुल्ढ़ाना, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भन्डारा व चांदा जिले तत्कालीन मुम्बई राज्य में मिला दिये गये। वर्तमान में ये महाराष्ट्र के भाग हैं। इसके अतिरिक्त शेष भाग मध्य प्रदेश में सम्मिलित कर दिया गया। मन्दसौर जिले की भानपुरा तहसील के अतिरिक्त पार्ट सी का राज्य मध्य प्र्रदेश का भाग बन गया। भोपाल राज्य को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। पार्ट सी के राज्य विंध्य प्रदेश को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। इस प्रकार उपर्युक्त सीमाओं में परिवर्तन के पश्चात मध्य प्रदेश का निर्माण 1 नवम्बर, 1956 को हुआ, जिसकी राजधानी भोपाल (जो सिहोर जिले की एक तहसील थी) को बनाया गया। वर्ष 2000 के राज्य पुनर्गठन के आधार पर मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग कर दिया गया।
D. सन् 1947 में सेंट्रल प्रोविन्स व बरार में बघेलखण्ड व छत्तीसगढ़ की रियासतों को सम्मिलित कर मध्य प्रदेश राज्य बना जो पार्ट ए का स्टेट था। इसकी राजधानी ‘नागपुर’ थी। 1947 मेंं ही उत्तर में स्थित रियासतों को मिलाकर विंध्य प्र्रदेश बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘रीवा’ थी। पूर्व मध्य प्रदेश के पश्चिमी रियासतों को मिलाकर मध्य भारत बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘ग्वालियर’ और इंदौर दोनों थी। भोपाल पृथक् राज्य था जो पार्ट सी का स्टेट था। सन् 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा राज्य की सीमा में निम्नलिखित परिवर्तन किये गये। बुल्ढ़ाना, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भन्डारा व चांदा जिले तत्कालीन मुम्बई राज्य में मिला दिये गये। वर्तमान में ये महाराष्ट्र के भाग हैं। इसके अतिरिक्त शेष भाग मध्य प्रदेश में सम्मिलित कर दिया गया। मन्दसौर जिले की भानपुरा तहसील के अतिरिक्त पार्ट सी का राज्य मध्य प्र्रदेश का भाग बन गया। भोपाल राज्य को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। पार्ट सी के राज्य विंध्य प्रदेश को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। इस प्रकार उपर्युक्त सीमाओं में परिवर्तन के पश्चात मध्य प्रदेश का निर्माण 1 नवम्बर, 1956 को हुआ, जिसकी राजधानी भोपाल (जो सिहोर जिले की एक तहसील थी) को बनाया गया। वर्ष 2000 के राज्य पुनर्गठन के आधार पर मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग कर दिया गया।

Explanations:

सन् 1947 में सेंट्रल प्रोविन्स व बरार में बघेलखण्ड व छत्तीसगढ़ की रियासतों को सम्मिलित कर मध्य प्रदेश राज्य बना जो पार्ट ए का स्टेट था। इसकी राजधानी ‘नागपुर’ थी। 1947 मेंं ही उत्तर में स्थित रियासतों को मिलाकर विंध्य प्र्रदेश बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘रीवा’ थी। पूर्व मध्य प्रदेश के पश्चिमी रियासतों को मिलाकर मध्य भारत बनाया गया, जिसकी राजधानी ‘ग्वालियर’ और इंदौर दोनों थी। भोपाल पृथक् राज्य था जो पार्ट सी का स्टेट था। सन् 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा राज्य की सीमा में निम्नलिखित परिवर्तन किये गये। बुल्ढ़ाना, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वर्धा, नागपुर, भन्डारा व चांदा जिले तत्कालीन मुम्बई राज्य में मिला दिये गये। वर्तमान में ये महाराष्ट्र के भाग हैं। इसके अतिरिक्त शेष भाग मध्य प्रदेश में सम्मिलित कर दिया गया। मन्दसौर जिले की भानपुरा तहसील के अतिरिक्त पार्ट सी का राज्य मध्य प्र्रदेश का भाग बन गया। भोपाल राज्य को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। पार्ट सी के राज्य विंध्य प्रदेश को भी मध्य प्रदेश में मिला दिया गया। इस प्रकार उपर्युक्त सीमाओं में परिवर्तन के पश्चात मध्य प्रदेश का निर्माण 1 नवम्बर, 1956 को हुआ, जिसकी राजधानी भोपाल (जो सिहोर जिले की एक तहसील थी) को बनाया गया। वर्ष 2000 के राज्य पुनर्गठन के आधार पर मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग कर दिया गया।