Correct Answer:
Option A - ‘प्रसन्नराघव’ महाकाव्य नहीं है अपितु यह जयदेव का नाटक है। ‘शिशुपालवध’ महाकवि माघ का महाकाव्य, ‘कुमारसंभव’ महाकवि कालिदास का और ‘किरातार्जुनीय’ भारवि का महाकाव्य है। ‘गीतगोविन्द’ जयदेव का गीतिकाव्य है।
A. ‘प्रसन्नराघव’ महाकाव्य नहीं है अपितु यह जयदेव का नाटक है। ‘शिशुपालवध’ महाकवि माघ का महाकाव्य, ‘कुमारसंभव’ महाकवि कालिदास का और ‘किरातार्जुनीय’ भारवि का महाकाव्य है। ‘गीतगोविन्द’ जयदेव का गीतिकाव्य है।