Correct Answer:
Option B - इण् (जाना) धातु से तव्यत् प्रत्यय करने पर रूप बनेगा–‘एतव्य:’। तत्यत् के त् से केवल इतना सूचित होता है कि इस प्रत्यय में अन्त होने वाले शब्द स्वरित होते हैं।
यथा–इण् + तन्यत् = इतन्य, भू + तव्यत् = भवितव्य आदि।
B. इण् (जाना) धातु से तव्यत् प्रत्यय करने पर रूप बनेगा–‘एतव्य:’। तत्यत् के त् से केवल इतना सूचित होता है कि इस प्रत्यय में अन्त होने वाले शब्द स्वरित होते हैं।
यथा–इण् + तन्यत् = इतन्य, भू + तव्यत् = भवितव्य आदि।