Correct Answer:
Option D - जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो उसे द्विगु समास कहते हैं।
त्रिफला = तीन फलों का समाहार
दोपहर = दो पहरों का समाहार
द्वन्द्व समास - जिसके दोनों पद प्रधान हो दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास होता है। इसका विग्रह करने के लिए दोनों पदों के बीच ‘और, अथवा, या’ जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है।
देश विदेश = देश और विदेश
राधाकृष्ण = राधा और कृष्ण
कर्मधारय समास - कर्मधारय का प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है।
नराधम = अधम है नर जो
महाकवि = महान है जो कवि
अव्ययीभाव समास - इस समास में प्रथम पद अव्यय तथा द्वितीय पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता रहती है। पूरा शब्द क्रिया-विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है।
प्रत्यक्ष = अक्ष के प्रति
यथाशीघ्र = जितना शीघ्र हो
D. जिस समास का प्रथम पद संख्यावाचक और अन्तिम पद संज्ञा हो उसे द्विगु समास कहते हैं।
त्रिफला = तीन फलों का समाहार
दोपहर = दो पहरों का समाहार
द्वन्द्व समास - जिसके दोनों पद प्रधान हो दोनों संज्ञाएँ अथवा विशेषण हो, वह द्वन्द्व समास होता है। इसका विग्रह करने के लिए दोनों पदों के बीच ‘और, अथवा, या’ जैसा योजक अव्यय लिखा जाता है।
देश विदेश = देश और विदेश
राधाकृष्ण = राधा और कृष्ण
कर्मधारय समास - कर्मधारय का प्रथम पद विशेषण और दूसरा विशेष्य अथवा संज्ञा होता है।
नराधम = अधम है नर जो
महाकवि = महान है जो कवि
अव्ययीभाव समास - इस समास में प्रथम पद अव्यय तथा द्वितीय पद संज्ञा होता है। समस्त पद में अव्यय के अर्थ की ही प्रधानता रहती है। पूरा शब्द क्रिया-विशेषण के अर्थ में व्यवहृत होता है।
प्रत्यक्ष = अक्ष के प्रति
यथाशीघ्र = जितना शीघ्र हो