Correct Answer:
Option C - बंगाल में प्रारम्भ हुए सुधार आंदोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय ने किया। इसलिए इन्हें नवजागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलनों का प्रवर्तक, आधुनिक भारत का पिता एवं नव प्रभात का तारा कहा जाता है। राजा राममोहन राय बहुभाषाविद् थे। इन्होनें अरबी-फारसी तथा संस्कृत का अध्ययन किया। इन्होनें मूर्तिपूजा का विरोध और एकेश्वरवाद को सब धर्मों का मूल बताया। 1815 ई. में इन्होनें आत्मीय सभा का गठन किया। 1828 ई. में इन्होंने ब्रम्ह सभा की स्थापना की जिसे बाद में ब्रम्ह समाज का नाम दिया गया।
C. बंगाल में प्रारम्भ हुए सुधार आंदोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय ने किया। इसलिए इन्हें नवजागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलनों का प्रवर्तक, आधुनिक भारत का पिता एवं नव प्रभात का तारा कहा जाता है। राजा राममोहन राय बहुभाषाविद् थे। इन्होनें अरबी-फारसी तथा संस्कृत का अध्ययन किया। इन्होनें मूर्तिपूजा का विरोध और एकेश्वरवाद को सब धर्मों का मूल बताया। 1815 ई. में इन्होनें आत्मीय सभा का गठन किया। 1828 ई. में इन्होंने ब्रम्ह सभा की स्थापना की जिसे बाद में ब्रम्ह समाज का नाम दिया गया।