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Q: In which of the following case, the Supreme Court of India held the view that the Preamble was not a Part of the Constitution ? निम्नलिखित में से किस वाद में भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यक्त किया कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है?
  • A. Devadasan v/s Union of India Case देवदासन बनाम भारतीय संघ वाद
  • B. LIC of India v/s Consumer Education and Research Centre Case/भारतीय जीवन बीमा निगम बनाम उपभोक्ता शिक्षा एवं शोध केन्द्र वाद
  • C. Keshwananda Bharti v/s State of Kerala Case/केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य विवाद
  • D. Berubari’s Case/बेरुवारी वाद
Correct Answer: Option D - उच्चतम न्यायालय ने बेरूवारी मामले (1960) में प्रास्तावना को संविधान का भाग नहीं माना था, परन्तु केशवानंद भारती वाद (1973) में प्रास्तावना को संविधान का अंग मान लिया गया तथा यह भी माना कि उद्देशिका संविधान के अन्य अनुच्छेदों के व्याख्या में मार्गदर्शक है। इसी वाद में सर्वप्रथम ‘आधारभूत ढाँचा’ सिद्धांत का प्रतिपादन किया था।
D. उच्चतम न्यायालय ने बेरूवारी मामले (1960) में प्रास्तावना को संविधान का भाग नहीं माना था, परन्तु केशवानंद भारती वाद (1973) में प्रास्तावना को संविधान का अंग मान लिया गया तथा यह भी माना कि उद्देशिका संविधान के अन्य अनुच्छेदों के व्याख्या में मार्गदर्शक है। इसी वाद में सर्वप्रथम ‘आधारभूत ढाँचा’ सिद्धांत का प्रतिपादन किया था।

Explanations:

उच्चतम न्यायालय ने बेरूवारी मामले (1960) में प्रास्तावना को संविधान का भाग नहीं माना था, परन्तु केशवानंद भारती वाद (1973) में प्रास्तावना को संविधान का अंग मान लिया गया तथा यह भी माना कि उद्देशिका संविधान के अन्य अनुच्छेदों के व्याख्या में मार्गदर्शक है। इसी वाद में सर्वप्रथम ‘आधारभूत ढाँचा’ सिद्धांत का प्रतिपादन किया था।