Explanations:
मोहिनी जैन बनाम कर्नाटक राज्य 1992 मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 21 के दायरे का विस्तार किया और कहा कि शिक्षा का अधिकार सीधे जीवन के अधिकार से प्रभावित होता है। इस फैसले में, अदालत ने शिक्षा को मौलिक अधिकार माना और कहा कि सरकार को सभी नागरिकों के लिए शिक्षा सुलभ बनानी चाहिए। इस फैसले ने शिक्षा के अधिकार को मजबूत किया और आगे चलकर अनुच्छेद (21A) के रूप में शिक्षा के अधिकार को संविधान में जोड़ा गया।