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Q: In which hemisphere, roaring forties, furious fifties and shrinking sixties are blowing ? गरजने वाली चालीसा, क्रुद्ध पचासा, चीखने वाली साठा पवनें पृथ्वी के किस गोलार्द्ध में चलती हैं?
  • A. Northern Hemisphere/उत्तरी गोलार्द्ध
  • B. Southern Hemisphere/दक्षिणी गोलार्द्ध
  • C. Eastern Hemisphere/पूर्वी गोलार्द्ध
  • D. Western Hemisphere/पश्चिमी गोलार्द्ध
Correct Answer: Option B - गरजता चालीसा, क्रुद्ध पचासा, चीखने वाली साठा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में (40 – 60º) अक्षांशों के बीच चलने वाली शक्तिशाली पछुआ पवनें हैं। ये हवाऐं दक्षिणी गोलार्द्ध में रुकावट के अभाव के कारण तीव्र गति से चलती हैं। इन पछुआ पवनों को 40º अक्षांश के आस-पास गरजता चालीसा तथा 60º अक्षांश के पास चीखता साठा कहा जाता है।
B. गरजता चालीसा, क्रुद्ध पचासा, चीखने वाली साठा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में (40 – 60º) अक्षांशों के बीच चलने वाली शक्तिशाली पछुआ पवनें हैं। ये हवाऐं दक्षिणी गोलार्द्ध में रुकावट के अभाव के कारण तीव्र गति से चलती हैं। इन पछुआ पवनों को 40º अक्षांश के आस-पास गरजता चालीसा तथा 60º अक्षांश के पास चीखता साठा कहा जाता है।

Explanations:

गरजता चालीसा, क्रुद्ध पचासा, चीखने वाली साठा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध में (40 – 60º) अक्षांशों के बीच चलने वाली शक्तिशाली पछुआ पवनें हैं। ये हवाऐं दक्षिणी गोलार्द्ध में रुकावट के अभाव के कारण तीव्र गति से चलती हैं। इन पछुआ पवनों को 40º अक्षांश के आस-पास गरजता चालीसा तथा 60º अक्षांश के पास चीखता साठा कहा जाता है।