Correct Answer:
Option B - कोई भी कार्य जिनमें नियमों की संरचना हो और जिनकों आनन्द प्राप्ति के लिए या कभी-कभी शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है, ‘‘क्रीडा या खेल’’ कहलाता है।
बच्चें खेल, खेलकर अपने शरीर को पुष्ट और स्फूर्तिमय बनाते हैं तथा खेलकूद से ही बच्चे का मन प्रसन्न और उत्साहित रहता है। खेल में भाग लेने से बच्चों में सहिष्णुता, धैर्य और साहस का विकास होता तथा सामूहिक सद्भाव और भाई चारे की भावना भी बढ़ती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि बच्चे के विकास में ‘‘खेल’’ शारीरिक और मोटर विकास, भाषा विकास तथा संज्ञानात्मक विकास तीनों में ही अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
B. कोई भी कार्य जिनमें नियमों की संरचना हो और जिनकों आनन्द प्राप्ति के लिए या कभी-कभी शिक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है, ‘‘क्रीडा या खेल’’ कहलाता है।
बच्चें खेल, खेलकर अपने शरीर को पुष्ट और स्फूर्तिमय बनाते हैं तथा खेलकूद से ही बच्चे का मन प्रसन्न और उत्साहित रहता है। खेल में भाग लेने से बच्चों में सहिष्णुता, धैर्य और साहस का विकास होता तथा सामूहिक सद्भाव और भाई चारे की भावना भी बढ़ती है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि बच्चे के विकास में ‘‘खेल’’ शारीरिक और मोटर विकास, भाषा विकास तथा संज्ञानात्मक विकास तीनों में ही अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।