search
Q: In the detailing of reinforcement for a two-way slab, which of the following statements is correct? दो-तऱफा स्लैब के लिए प्रबलन के विवरण में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
  • A. The distribution bars are placed in the direction of the shorter span and the main bars in the direction of the longer span./वितरण छड़ को छोटे विस्तार की दिशा में और मुख्य छड़ को बड़े विस्तार की दिशा मे रखा जाता है।
  • B. The amount of reinforcement is the same in both directions/सुदृढीकरण की मात्रा दोनों दिशाओं में समान है।
  • C. The distribution bars are placed in the direction of the longer span and the main bars in the direction of the shorter span./वितरण छड़ को बड़े विस्तार की दिशा में मुख्य छड़ को छोटे विस्तार की दिशा में रखा जाता है।
  • D. Only main bars are provided in two-way slab without any distribution bars./दो-तऱफा स्लैब में केवल मुख्य छड़ प्रदान किए जाते हैं, बिना किसी वितरण छड़ के।
Correct Answer: Option D - द्वि-दैशिक स्लैब (Two way slab)- जब स्लैब पूर्ण रूप से अगल-बगल की चारों दीवारों पर आलम्बित रहती है, तो इसे द्वि- दैशिक स्लैब कहते हैं। जब स्लैब की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 2 अथवा 2 से कम हो ( L ≤ 2B) तो इसे द्वि-दैशिक स्लैब कहते हैं। द्वि दैशिक स्लैब में दोनों दिशाओं में एक दूसरे समकोण पर छड़े डाले जाती है और सभी छड़ मुख्य छड़ कहलाता है। दोनों दिशाओं में प्रबलित होने के कारण,द्वि दैशिक स्लैब में वितरित छड़ (Distribution bars) की अलग से आवश्यकता नही रहती है। द्वि-दैशिक स्लैब, शुद्धालम्ब अथवा दोनों दिशाओं अथवा एक दिशा में सतत हो सकती है। कोनों पर ऐंठन का प्रभाव रोकने के लिये इन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रबलन दिया है।
D. द्वि-दैशिक स्लैब (Two way slab)- जब स्लैब पूर्ण रूप से अगल-बगल की चारों दीवारों पर आलम्बित रहती है, तो इसे द्वि- दैशिक स्लैब कहते हैं। जब स्लैब की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 2 अथवा 2 से कम हो ( L ≤ 2B) तो इसे द्वि-दैशिक स्लैब कहते हैं। द्वि दैशिक स्लैब में दोनों दिशाओं में एक दूसरे समकोण पर छड़े डाले जाती है और सभी छड़ मुख्य छड़ कहलाता है। दोनों दिशाओं में प्रबलित होने के कारण,द्वि दैशिक स्लैब में वितरित छड़ (Distribution bars) की अलग से आवश्यकता नही रहती है। द्वि-दैशिक स्लैब, शुद्धालम्ब अथवा दोनों दिशाओं अथवा एक दिशा में सतत हो सकती है। कोनों पर ऐंठन का प्रभाव रोकने के लिये इन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रबलन दिया है।

Explanations:

द्वि-दैशिक स्लैब (Two way slab)- जब स्लैब पूर्ण रूप से अगल-बगल की चारों दीवारों पर आलम्बित रहती है, तो इसे द्वि- दैशिक स्लैब कहते हैं। जब स्लैब की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 2 अथवा 2 से कम हो ( L ≤ 2B) तो इसे द्वि-दैशिक स्लैब कहते हैं। द्वि दैशिक स्लैब में दोनों दिशाओं में एक दूसरे समकोण पर छड़े डाले जाती है और सभी छड़ मुख्य छड़ कहलाता है। दोनों दिशाओं में प्रबलित होने के कारण,द्वि दैशिक स्लैब में वितरित छड़ (Distribution bars) की अलग से आवश्यकता नही रहती है। द्वि-दैशिक स्लैब, शुद्धालम्ब अथवा दोनों दिशाओं अथवा एक दिशा में सतत हो सकती है। कोनों पर ऐंठन का प्रभाव रोकने के लिये इन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रबलन दिया है।