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Q: In the context of types of play, which of the following pairs is correctly matched ? खेल के प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही ढंग से सुमेलित है? I. Functional play – play involving reptitive muscular movements I. कार्यात्मक खेल - खेल जिनमें पुनरावर्ती मांसपेशीय गति शामिल है। II. Pretend Play – sports that involv the use of objects or materials to make something. II. नाटक खेल - खेल जिनमें कुछ बनाने के लिए वस्तुओं या सामग्रियों का उपयोग शामिल है।
  • A. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • B. Only I/केवल I
  • C. Only II/केवल II
  • D. Both I and II/I तथा II दोनों
Correct Answer: Option B - खेल, बालक का मूल प्रवत्ति, आत्म नियंत्रित, और प्रेरणादायक तथा रचनात्मक क्रियाओं की अभिव्यक्ति करने वाली क्रिया है जिससे मनोरंजन के साथ-साथ आनंद की प्राप्ति होती है। खेल से बालक का शारीरिक विकास होता है। खेल के माध्यम से बालक में दो प्रकार के परिवर्तन आते हैं– (1) जैविक परिवर्तन (2) मनोगत्यात्मक परिवर्तन जैविक परिवर्तन का सम्बन्ध बालक के शारीरिक विकास से है। जिसके अन्तर्गत लम्बाई, चौड़ाई, भार इत्यादि में वृद्धि होता है। मनोगत्यात्मक परिवर्तन के अन्तर्गत बालक के सामाजिक व्यवहार, मूल्य, आदर्श, संस्कार, संवेग, संज्ञान, परिवर्तन हो या मनोगत्यात्मक परिवर्तन दोनों में खेल की अहम भूमिका होती है और खेल विकास को तेजी से बढ़ने में मदद भी करता है। क्रियात्मक खेल के अन्तर्गत, गतिशील खेल, रोमांचकारी खेल, आदि आते हैं।
B. खेल, बालक का मूल प्रवत्ति, आत्म नियंत्रित, और प्रेरणादायक तथा रचनात्मक क्रियाओं की अभिव्यक्ति करने वाली क्रिया है जिससे मनोरंजन के साथ-साथ आनंद की प्राप्ति होती है। खेल से बालक का शारीरिक विकास होता है। खेल के माध्यम से बालक में दो प्रकार के परिवर्तन आते हैं– (1) जैविक परिवर्तन (2) मनोगत्यात्मक परिवर्तन जैविक परिवर्तन का सम्बन्ध बालक के शारीरिक विकास से है। जिसके अन्तर्गत लम्बाई, चौड़ाई, भार इत्यादि में वृद्धि होता है। मनोगत्यात्मक परिवर्तन के अन्तर्गत बालक के सामाजिक व्यवहार, मूल्य, आदर्श, संस्कार, संवेग, संज्ञान, परिवर्तन हो या मनोगत्यात्मक परिवर्तन दोनों में खेल की अहम भूमिका होती है और खेल विकास को तेजी से बढ़ने में मदद भी करता है। क्रियात्मक खेल के अन्तर्गत, गतिशील खेल, रोमांचकारी खेल, आदि आते हैं।

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खेल, बालक का मूल प्रवत्ति, आत्म नियंत्रित, और प्रेरणादायक तथा रचनात्मक क्रियाओं की अभिव्यक्ति करने वाली क्रिया है जिससे मनोरंजन के साथ-साथ आनंद की प्राप्ति होती है। खेल से बालक का शारीरिक विकास होता है। खेल के माध्यम से बालक में दो प्रकार के परिवर्तन आते हैं– (1) जैविक परिवर्तन (2) मनोगत्यात्मक परिवर्तन जैविक परिवर्तन का सम्बन्ध बालक के शारीरिक विकास से है। जिसके अन्तर्गत लम्बाई, चौड़ाई, भार इत्यादि में वृद्धि होता है। मनोगत्यात्मक परिवर्तन के अन्तर्गत बालक के सामाजिक व्यवहार, मूल्य, आदर्श, संस्कार, संवेग, संज्ञान, परिवर्तन हो या मनोगत्यात्मक परिवर्तन दोनों में खेल की अहम भूमिका होती है और खेल विकास को तेजी से बढ़ने में मदद भी करता है। क्रियात्मक खेल के अन्तर्गत, गतिशील खेल, रोमांचकारी खेल, आदि आते हैं।