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Q: In which year Rabindranath Tagore founded Santiniketan?/रवींद्रनाथ टैगोर ने किस वर्ष में शांतिनिकेतन की स्थापना की थी?
  • A. 1907
  • B. 1899
  • C. 1901
  • D. 1905
Correct Answer: Option C - रवींद्रनाथ टैगोर ने 1901 में शान्तिनिकेतन की स्थापना की थी। सन् 1862 में गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर ने अध्यात्मिक साधना के लिए बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर के पास कोलकाता से लगभग 100 मील की दूरी पर नगर के कोलाहल से दूर, शांत और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर स्थान पर एक आश्रम की स्थापना की। सन् 1901 ईस्वी में टैगोर ने वहीं शान्तिनिकेतन विद्यालय स्थापित किया। टैगोर ने अपने विद्यालय की स्थापना के लिए स्थान चुनने के विषय में लिखा है - ‘‘मेरे मन में एक आदर्श विद्यालय का रूप था जिसमें घर और मन्दिर की एक साथ अनुभूति हो जहाँ शिक्षण उपासनायुक्त जीवन का एक अंग बन सके। मैंने इस स्थान को चुना जो नगर के सभी आकर्षणों तथा विकृतियों से दूर था और जहाँ का वातावरण एक पवित्र जीवन की स्मृति से व्याप्त था, जिसने परमात्मा के सान्निध्य में अपने दिन बिताए थे।’’ शान्तिनिकेतन की स्थापना का उद्देश्य बालकों को ऐसी शिक्षा देना था जो प्रकृति से विलग न हो और बच्चे परिवार के वातावरण का अनुभव करें। यहाँ बालक स्वतन्त्रता, पारस्परिक, विश्वास और उल्लास का अनुभव करें, जिससे बालकों में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम उत्पन्न हो सके।
C. रवींद्रनाथ टैगोर ने 1901 में शान्तिनिकेतन की स्थापना की थी। सन् 1862 में गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर ने अध्यात्मिक साधना के लिए बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर के पास कोलकाता से लगभग 100 मील की दूरी पर नगर के कोलाहल से दूर, शांत और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर स्थान पर एक आश्रम की स्थापना की। सन् 1901 ईस्वी में टैगोर ने वहीं शान्तिनिकेतन विद्यालय स्थापित किया। टैगोर ने अपने विद्यालय की स्थापना के लिए स्थान चुनने के विषय में लिखा है - ‘‘मेरे मन में एक आदर्श विद्यालय का रूप था जिसमें घर और मन्दिर की एक साथ अनुभूति हो जहाँ शिक्षण उपासनायुक्त जीवन का एक अंग बन सके। मैंने इस स्थान को चुना जो नगर के सभी आकर्षणों तथा विकृतियों से दूर था और जहाँ का वातावरण एक पवित्र जीवन की स्मृति से व्याप्त था, जिसने परमात्मा के सान्निध्य में अपने दिन बिताए थे।’’ शान्तिनिकेतन की स्थापना का उद्देश्य बालकों को ऐसी शिक्षा देना था जो प्रकृति से विलग न हो और बच्चे परिवार के वातावरण का अनुभव करें। यहाँ बालक स्वतन्त्रता, पारस्परिक, विश्वास और उल्लास का अनुभव करें, जिससे बालकों में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम उत्पन्न हो सके।

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रवींद्रनाथ टैगोर ने 1901 में शान्तिनिकेतन की स्थापना की थी। सन् 1862 में गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर ने अध्यात्मिक साधना के लिए बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर के पास कोलकाता से लगभग 100 मील की दूरी पर नगर के कोलाहल से दूर, शांत और प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर स्थान पर एक आश्रम की स्थापना की। सन् 1901 ईस्वी में टैगोर ने वहीं शान्तिनिकेतन विद्यालय स्थापित किया। टैगोर ने अपने विद्यालय की स्थापना के लिए स्थान चुनने के विषय में लिखा है - ‘‘मेरे मन में एक आदर्श विद्यालय का रूप था जिसमें घर और मन्दिर की एक साथ अनुभूति हो जहाँ शिक्षण उपासनायुक्त जीवन का एक अंग बन सके। मैंने इस स्थान को चुना जो नगर के सभी आकर्षणों तथा विकृतियों से दूर था और जहाँ का वातावरण एक पवित्र जीवन की स्मृति से व्याप्त था, जिसने परमात्मा के सान्निध्य में अपने दिन बिताए थे।’’ शान्तिनिकेतन की स्थापना का उद्देश्य बालकों को ऐसी शिक्षा देना था जो प्रकृति से विलग न हो और बच्चे परिवार के वातावरण का अनुभव करें। यहाँ बालक स्वतन्त्रता, पारस्परिक, विश्वास और उल्लास का अनुभव करें, जिससे बालकों में भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम उत्पन्न हो सके।