Correct Answer:
Option C - सामाजिक और गैर-सामाजिक खेल की पार्टेन्स की श्रेणियों के संदर्भ में I. खाली व्यवहार – बच्चा खेलता हुआ नहीं लगता है, लेकिन क्षणिक रूचि का कुछ भी देखता है। II. एकान्त स्वतंत्र खेल – बच्चा अकेले खिलौनों के साथ खेलता है जो आस–पास के बच्चों द्वारा उपयोग किये जाने वाले खिलौनों से अलग होते हैं और उनके करीब आने का कोई प्रयास नहीं करते हैं। दोनों युग्म सही सुमेलित हैं क्योंकि खेल के माध्यम से बालक– बालिकायें अपनी नैसर्गिक प्रवृत्तियों एवं संवेगों के प्रबन्धन को उत्तम दिशा देते हैं। सर्वसिद्ध तथ्य है कि खेलों का महत्व मानव जीवन में अनेक दृष्टिकोणों से शिक्षात्मक उपागम के रूप में है। अत: हमारा अभीष्ट उत्तर विकल्प (c) है।
C. सामाजिक और गैर-सामाजिक खेल की पार्टेन्स की श्रेणियों के संदर्भ में I. खाली व्यवहार – बच्चा खेलता हुआ नहीं लगता है, लेकिन क्षणिक रूचि का कुछ भी देखता है। II. एकान्त स्वतंत्र खेल – बच्चा अकेले खिलौनों के साथ खेलता है जो आस–पास के बच्चों द्वारा उपयोग किये जाने वाले खिलौनों से अलग होते हैं और उनके करीब आने का कोई प्रयास नहीं करते हैं। दोनों युग्म सही सुमेलित हैं क्योंकि खेल के माध्यम से बालक– बालिकायें अपनी नैसर्गिक प्रवृत्तियों एवं संवेगों के प्रबन्धन को उत्तम दिशा देते हैं। सर्वसिद्ध तथ्य है कि खेलों का महत्व मानव जीवन में अनेक दृष्टिकोणों से शिक्षात्मक उपागम के रूप में है। अत: हमारा अभीष्ट उत्तर विकल्प (c) है।