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Q: In response to the mass agitation of the Champaran Movement, the British Government took which step to address the issue? चम्पारण आन्दोलन के जन आन्दोलन की प्रतिक्रिया में ब्रिटिश सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए कौन-सा कदम उठाया?
  • A. Appointed Mahatma Gandhi as the Governor of Champaran/महात्मा गाँधी को चम्पारण का राज्यपाल नियुक्त किया
  • B. Enforced strict curfew and imposed Martial Law in the region/क्षेत्र में सख्त कफ्र्यू लागू किया और मार्शल लॉ लगाया
  • C. Instituted the Champaran Agrarian Committee चम्पारण कृषि समिति की स्थापना की
  • D. Declared Champaran as an independent State चम्पारण को एक स्वतंत्र राज्य घोषित किया
Correct Answer: Option C - चम्पारण आन्दोलन के जन आन्दोलन की प्रतिक्रिया में ब्रिटिश सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए चम्पारण कृषि जाँच समिति की स्थापना की थी। चम्पारण कृषि जांच समिति के अध्यक्ष एफ.जी. स्लाई थे। इसके सदस्य थे- डी.जे. रीड, महात्मा गांधी, एल.सी. अदामी, राजा हरिहर प्रसाद नारायण सिंह और जी.रैनी। जबकि एम.ई.एल. टेन्नर सचिव थे। बाद में राजा हरिहर प्रसाद के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके स्थान पर महाराजा कृत्यानंद सिंह को सदस्य बनाया गया।
C. चम्पारण आन्दोलन के जन आन्दोलन की प्रतिक्रिया में ब्रिटिश सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए चम्पारण कृषि जाँच समिति की स्थापना की थी। चम्पारण कृषि जांच समिति के अध्यक्ष एफ.जी. स्लाई थे। इसके सदस्य थे- डी.जे. रीड, महात्मा गांधी, एल.सी. अदामी, राजा हरिहर प्रसाद नारायण सिंह और जी.रैनी। जबकि एम.ई.एल. टेन्नर सचिव थे। बाद में राजा हरिहर प्रसाद के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके स्थान पर महाराजा कृत्यानंद सिंह को सदस्य बनाया गया।

Explanations:

चम्पारण आन्दोलन के जन आन्दोलन की प्रतिक्रिया में ब्रिटिश सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए चम्पारण कृषि जाँच समिति की स्थापना की थी। चम्पारण कृषि जांच समिति के अध्यक्ष एफ.जी. स्लाई थे। इसके सदस्य थे- डी.जे. रीड, महात्मा गांधी, एल.सी. अदामी, राजा हरिहर प्रसाद नारायण सिंह और जी.रैनी। जबकि एम.ई.एल. टेन्नर सचिव थे। बाद में राजा हरिहर प्रसाद के खराब स्वास्थ्य के कारण उनके स्थान पर महाराजा कृत्यानंद सिंह को सदस्य बनाया गया।