Explanations:
भारत में अन्तिम ऋणदाता (Lender of Last Resort) भारतीय रिजर्व बैेंक (RBI) को कहा जाता है। केन्द्रीय बैंक होने के कारण आर. बी. आई की अर्थव्यवस्था में काफी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। आर. बी. आई का प्रमुख कार्य भारत की मौद्रिक नीति तैयार करना, उसे लागू करना और उसकी निगरानी करना है। आरबीआई अन्तिम ऋणदाता इसलिए कहलाता है क्योंकि यदि कोई बैंक किसी वित्तीय संकट में फंस जाता है तो आरबीआई ही उसे ऋण प्रदान करता है।