Correct Answer:
Option B - जैवभार का पिरामिड (Biomass Pyramid) एक ऐसा चित्र होता है, जो दिखाता है कि पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक पोषण स्तर पर जैविक द्रव्यमान कितना होता है।
घास के परिस्थितिकी तंत्र में–
1. उत्पादक–घास, पौधे (नीचे सबसे ज्यादा जैवभार)
2. प्राथमिक उपभोक्ता–गाय, हिरण, खरगोश (घास खाने वाले)
3. द्वितीयक उपभोक्ता–साँप, लोमड़ी (माँसाहारी)
4. तृतीयक उपभोक्ता–शेर, बाघ (सबसे कम जैवभार)
जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं जैवभार कम होता है।
B. जैवभार का पिरामिड (Biomass Pyramid) एक ऐसा चित्र होता है, जो दिखाता है कि पारिस्थितिकी तंत्र में प्रत्येक पोषण स्तर पर जैविक द्रव्यमान कितना होता है।
घास के परिस्थितिकी तंत्र में–
1. उत्पादक–घास, पौधे (नीचे सबसे ज्यादा जैवभार)
2. प्राथमिक उपभोक्ता–गाय, हिरण, खरगोश (घास खाने वाले)
3. द्वितीयक उपभोक्ता–साँप, लोमड़ी (माँसाहारी)
4. तृतीयक उपभोक्ता–शेर, बाघ (सबसे कम जैवभार)
जैसे-जैसे ऊपर बढ़ते हैं जैवभार कम होता है।