Correct Answer:
Option D - रेलों की नति (Tilting of Rails)- पहिये के शांक्वीकरण के अनुरूप दोनों समान्तर रेलों को भी 20 में 1 की भीतर की ओर अनुप्रस्थ ढाल पर स्थिर किया जाता है। रेल की ढ़ालू स्थिति में रखने के लिए, इसके नीचे लगाये गये (लकड़ी के) स्लीपरों में 20 में 1 की ढाल का खाँचा (Adzing of sleeper) काट दिया जाता है, अथवा कुर्सी (chair) या धारक प्लेट की ऊपरी सतह को यह ढाल दे दी जाती है। रेल को भीतर की ओर 20 में 1 की ढाल पर स्थिर करने को रेल का कैंट (cant of rail) कहते हैं। इसे रेलों की नति (tilting of Rails) भी कहते हैं।
■ पहियों की पाश्र्विक गति को रोकने के लिए इनके रिम को 20 में 1 की ढाल दी जाती है।
D. रेलों की नति (Tilting of Rails)- पहिये के शांक्वीकरण के अनुरूप दोनों समान्तर रेलों को भी 20 में 1 की भीतर की ओर अनुप्रस्थ ढाल पर स्थिर किया जाता है। रेल की ढ़ालू स्थिति में रखने के लिए, इसके नीचे लगाये गये (लकड़ी के) स्लीपरों में 20 में 1 की ढाल का खाँचा (Adzing of sleeper) काट दिया जाता है, अथवा कुर्सी (chair) या धारक प्लेट की ऊपरी सतह को यह ढाल दे दी जाती है। रेल को भीतर की ओर 20 में 1 की ढाल पर स्थिर करने को रेल का कैंट (cant of rail) कहते हैं। इसे रेलों की नति (tilting of Rails) भी कहते हैं।
■ पहियों की पाश्र्विक गति को रोकने के लिए इनके रिम को 20 में 1 की ढाल दी जाती है।