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Q: Centre Line method is used for preparing ____________. केन्द्र रेखा विधि का उपयोग तैयारी के लिए करते है-
  • A. road estimate/सड़क प्राक्कलन
  • B. bridges estimate/पुलों का प्राक्कलन
  • C. building estimate/भवन प्राक्कलन
  • D. irrigation works estimate सिंचाई कार्यों का आंकलन
Correct Answer: Option C - भवनों के प्राक्कलन की विधियाँ (Method of Estimating of Building)– भवनों की दीवारों की चिनाई, नींव-कंक्रीट, नींव-खुदाई आदि का परिमाण ज्ञात करने की निम्न तीन विधियाँ हैं– (i) बाहर-से-बाहर व भीतर-से-भीतर विधि अथवा लम्बी-छोटी दीवार विधि (Long-short walls method) (ii) मध्य रेखा विधि (Centre line method) (iii) सम्पारण विधि (Crossing Method)
C. भवनों के प्राक्कलन की विधियाँ (Method of Estimating of Building)– भवनों की दीवारों की चिनाई, नींव-कंक्रीट, नींव-खुदाई आदि का परिमाण ज्ञात करने की निम्न तीन विधियाँ हैं– (i) बाहर-से-बाहर व भीतर-से-भीतर विधि अथवा लम्बी-छोटी दीवार विधि (Long-short walls method) (ii) मध्य रेखा विधि (Centre line method) (iii) सम्पारण विधि (Crossing Method)

Explanations:

भवनों के प्राक्कलन की विधियाँ (Method of Estimating of Building)– भवनों की दीवारों की चिनाई, नींव-कंक्रीट, नींव-खुदाई आदि का परिमाण ज्ञात करने की निम्न तीन विधियाँ हैं– (i) बाहर-से-बाहर व भीतर-से-भीतर विधि अथवा लम्बी-छोटी दीवार विधि (Long-short walls method) (ii) मध्य रेखा विधि (Centre line method) (iii) सम्पारण विधि (Crossing Method)