Correct Answer:
Option A - ‘‘किश्त भुगतान पद्धति’’(Installment Payment System) की दशा में विक्रेता को कुल प्राप्य ब्याज को ब्याज उचन्त खाता (Interest Suspense Account) में जमा किया जाता है।
ब्याज देय तिथि पर ब्याज की रकम उसी प्रकार निकाली जाती है, जिस प्रकार किराया क्रय पद्धति में निकाली जाती है। फिर इस राशि को ब्याज उचन्त खाता में हस्तान्तरित कर दिया जाता है। यथा-
Interest A/c Dr.
To Interest Suspense A/c
(Being transfer to Interest Falling due)
A. ‘‘किश्त भुगतान पद्धति’’(Installment Payment System) की दशा में विक्रेता को कुल प्राप्य ब्याज को ब्याज उचन्त खाता (Interest Suspense Account) में जमा किया जाता है।
ब्याज देय तिथि पर ब्याज की रकम उसी प्रकार निकाली जाती है, जिस प्रकार किराया क्रय पद्धति में निकाली जाती है। फिर इस राशि को ब्याज उचन्त खाता में हस्तान्तरित कर दिया जाता है। यथा-
Interest A/c Dr.
To Interest Suspense A/c
(Being transfer to Interest Falling due)