Correct Answer:
Option C - निर्माण-परिचालन-स्थानांतरण (Build-Operate-Transfer))– निर्माण कार्यों के लिए गम्भीर वित्तीय कठिनाइयों को देखते हुए, अब सरकार बड़ी-बड़ी परियोजनाओं को सम्पन्न करने के लिए निजी क्षेत्र व उद्यमियों की सॉझेदारी स्वीकार कर रही है। इसे BOT का नाम दिया गया है। परियोजनाओं पर खर्च की गयी धनराशि को वसूल करने के लिए एजेन्सी अगले 20-30 वर्ष उस सड़क या पुल से निकलने वाले वाहनों पर निर्धारित पथ कर (Toll Tax) चार्ज करेगी। ठेका अवधि के पश्चात् निर्माण का संतोषजनक स्थिति में सरकार को अन्तरित करेगी।
निर्माण-परिचालन-स्थानांतरण आधारित परियोजना में सबसे महत्त्वपूर्ण मूल्यांकन मापदंड लाभ-लागत अनुपात है।
C. निर्माण-परिचालन-स्थानांतरण (Build-Operate-Transfer))– निर्माण कार्यों के लिए गम्भीर वित्तीय कठिनाइयों को देखते हुए, अब सरकार बड़ी-बड़ी परियोजनाओं को सम्पन्न करने के लिए निजी क्षेत्र व उद्यमियों की सॉझेदारी स्वीकार कर रही है। इसे BOT का नाम दिया गया है। परियोजनाओं पर खर्च की गयी धनराशि को वसूल करने के लिए एजेन्सी अगले 20-30 वर्ष उस सड़क या पुल से निकलने वाले वाहनों पर निर्धारित पथ कर (Toll Tax) चार्ज करेगी। ठेका अवधि के पश्चात् निर्माण का संतोषजनक स्थिति में सरकार को अन्तरित करेगी।
निर्माण-परिचालन-स्थानांतरण आधारित परियोजना में सबसे महत्त्वपूर्ण मूल्यांकन मापदंड लाभ-लागत अनुपात है।