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Q: इंजनों में प्रयोग किए जाने वाले दो प्रकार की लुब्रिकेटिंग पद्धतियाँ होती हैं :
  • A. हाई और लो प्रैशर
  • B. प्रैशर और वेक्यूम
  • C. पंप और ग्रेविटी
  • D. स्पलैश और प्रैशर
Correct Answer: Option D - इंजनों में प्रयोग किए जाने वाले लुब्रिकेटिंग पद्यतियाँ निम्न है– (1) स्पलैश प्रणाली (2) प्रैशर प्रणाली (3) सेमी प्रैशर प्रणाली (4) ड्राइ सम्प प्रणाली आजकल बड़े–बड़े इंजनों में प्रैशर लुब्रिकेटिंग प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। छोटे इंजनों में स्पलैश प्रणाली का प्रयोग होता है। प्रैशर प्रणाली– इस प्रणाली में इंजन के पार्ट्स की प्रैशर के अंतर्गत लुब्रिकेशन की जाती है। लुब्रिकेटिंग ऑयल को एक सम्प में स्टोर किया जाता है। एक ऑयल पंप तेल को स्टेनर के रास्ते हो कर जाता है और 2–4 किग्रा./से.मी² के प्रैशर पर मेन ऑयल गैलरी तक एक फिल्टर के रास्ते पहुँचता है।
D. इंजनों में प्रयोग किए जाने वाले लुब्रिकेटिंग पद्यतियाँ निम्न है– (1) स्पलैश प्रणाली (2) प्रैशर प्रणाली (3) सेमी प्रैशर प्रणाली (4) ड्राइ सम्प प्रणाली आजकल बड़े–बड़े इंजनों में प्रैशर लुब्रिकेटिंग प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। छोटे इंजनों में स्पलैश प्रणाली का प्रयोग होता है। प्रैशर प्रणाली– इस प्रणाली में इंजन के पार्ट्स की प्रैशर के अंतर्गत लुब्रिकेशन की जाती है। लुब्रिकेटिंग ऑयल को एक सम्प में स्टोर किया जाता है। एक ऑयल पंप तेल को स्टेनर के रास्ते हो कर जाता है और 2–4 किग्रा./से.मी² के प्रैशर पर मेन ऑयल गैलरी तक एक फिल्टर के रास्ते पहुँचता है।

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इंजनों में प्रयोग किए जाने वाले लुब्रिकेटिंग पद्यतियाँ निम्न है– (1) स्पलैश प्रणाली (2) प्रैशर प्रणाली (3) सेमी प्रैशर प्रणाली (4) ड्राइ सम्प प्रणाली आजकल बड़े–बड़े इंजनों में प्रैशर लुब्रिकेटिंग प्रणाली का प्रयोग किया जाता है। छोटे इंजनों में स्पलैश प्रणाली का प्रयोग होता है। प्रैशर प्रणाली– इस प्रणाली में इंजन के पार्ट्स की प्रैशर के अंतर्गत लुब्रिकेशन की जाती है। लुब्रिकेटिंग ऑयल को एक सम्प में स्टोर किया जाता है। एक ऑयल पंप तेल को स्टेनर के रास्ते हो कर जाता है और 2–4 किग्रा./से.मी² के प्रैशर पर मेन ऑयल गैलरी तक एक फिल्टर के रास्ते पहुँचता है।