Correct Answer:
Option D - सैनिटरी सीवेज में प्राय: गैराजों, सर्विस स्टेशनों, साबुन बनाने एवं तेल शोधक कारखानों, कसाईबाडों, रसोईयों, होटलों इत्यादि से पर्याप्त मात्रा में ग्रीस, तेल व अन्य चिकने पदार्थों (Fats) को सीवेज से अलग करना आवश्यक हो जाता है। इन पदार्थों को सीवेज से हटाने के लिये ग्रीस ट्रेप तथा काछन टैंक (Grease Trap and Skimming tanks) स्थापित किये जाते है।
∎ काछन टैंक में सीवेज का वायु द्वारा विलोडन करके ग्रीस व तैलीय पदार्थों को सीवेज से अलग कर लिया जाता है।
D. सैनिटरी सीवेज में प्राय: गैराजों, सर्विस स्टेशनों, साबुन बनाने एवं तेल शोधक कारखानों, कसाईबाडों, रसोईयों, होटलों इत्यादि से पर्याप्त मात्रा में ग्रीस, तेल व अन्य चिकने पदार्थों (Fats) को सीवेज से अलग करना आवश्यक हो जाता है। इन पदार्थों को सीवेज से हटाने के लिये ग्रीस ट्रेप तथा काछन टैंक (Grease Trap and Skimming tanks) स्थापित किये जाते है।
∎ काछन टैंक में सीवेज का वायु द्वारा विलोडन करके ग्रीस व तैलीय पदार्थों को सीवेज से अलग कर लिया जाता है।