Explanations:
19 वीं शताब्दी के दौरान लोगों के बीच राष्ट्रवादी और सुधारवादी विचारों का प्रसार करने के लिए कई समाचारपत्र एवं पत्रिका प्रकाशित की गई थीं जिनमें ‘अमृत बाजार’ एक है। अमृत बाजार बांग्ला भाषा में सम्पादित पत्रिका है। यह पत्रिका 1868 में दो भाइयों, शिशिर कुमार द्योष और मोती लाल द्योष द्वारा शुरू की गई थी। इस समाचार पत्र पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था, और समाचार पत्रों पास पर नकेल कसने के प्रयास मे, 1878 में, भारत के तत्कालीन वायसराय ‘लॉर्ड लिटन’ ने वर्नाकुलर प्रेस अधिनियम को किया। ‘सुधारक’ पत्रिका ‘हिन्दी और बांग्ला भाषा’ दोनों में प्रकाशित किया गया था।