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Q: Hundreads of Indian language newspapers were used by many Indian political or social figures during the 19th century to spread nationalist and reformist ideas among the people during the 19th century. Which one of the following pairs of 'Newspaper- its language' is not correct? 19 वीं शताब्दी के दौरान लोगों के बीच राष्ट्रवादी और सुधारवादी विचारों का प्रसार करने के लिए कई भारतीय राजनीतिक या सामाजिक हस्तियों द्वारा सैकड़ों भारतीय भाषा के समाचार पत्रों का उपयोग किया गया था। ‘समाचार पत्र उसकी भाषा’ का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही नहीं है? I. Amrita bazar – Bengali I. अमृत बाजार – बंगाली II. Sudharak – Punjabi II.सुधारक – पंजाबी III. Kohinoor – Hindi III. कोह - आई- नूर-हिन्दी
  • A. I and III/I तथा III
  • B. II and III/II तथा III
  • C. Only I/केवल I
  • D. I and II/I तथा II
Correct Answer: Option B - 19 वीं शताब्दी के दौरान लोगों के बीच राष्ट्रवादी और सुधारवादी विचारों का प्रसार करने के लिए कई समाचारपत्र एवं पत्रिका प्रकाशित की गई थीं जिनमें ‘अमृत बाजार’ एक है। अमृत बाजार बांग्ला भाषा में सम्पादित पत्रिका है। यह पत्रिका 1868 में दो भाइयों, शिशिर कुमार द्योष और मोती लाल द्योष द्वारा शुरू की गई थी। इस समाचार पत्र पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था, और समाचार पत्रों पास पर नकेल कसने के प्रयास मे, 1878 में, भारत के तत्कालीन वायसराय ‘लॉर्ड लिटन’ ने वर्नाकुलर प्रेस अधिनियम को किया। ‘सुधारक’ पत्रिका ‘हिन्दी और बांग्ला भाषा’ दोनों में प्रकाशित किया गया था।
B. 19 वीं शताब्दी के दौरान लोगों के बीच राष्ट्रवादी और सुधारवादी विचारों का प्रसार करने के लिए कई समाचारपत्र एवं पत्रिका प्रकाशित की गई थीं जिनमें ‘अमृत बाजार’ एक है। अमृत बाजार बांग्ला भाषा में सम्पादित पत्रिका है। यह पत्रिका 1868 में दो भाइयों, शिशिर कुमार द्योष और मोती लाल द्योष द्वारा शुरू की गई थी। इस समाचार पत्र पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था, और समाचार पत्रों पास पर नकेल कसने के प्रयास मे, 1878 में, भारत के तत्कालीन वायसराय ‘लॉर्ड लिटन’ ने वर्नाकुलर प्रेस अधिनियम को किया। ‘सुधारक’ पत्रिका ‘हिन्दी और बांग्ला भाषा’ दोनों में प्रकाशित किया गया था।

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19 वीं शताब्दी के दौरान लोगों के बीच राष्ट्रवादी और सुधारवादी विचारों का प्रसार करने के लिए कई समाचारपत्र एवं पत्रिका प्रकाशित की गई थीं जिनमें ‘अमृत बाजार’ एक है। अमृत बाजार बांग्ला भाषा में सम्पादित पत्रिका है। यह पत्रिका 1868 में दो भाइयों, शिशिर कुमार द्योष और मोती लाल द्योष द्वारा शुरू की गई थी। इस समाचार पत्र पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था, और समाचार पत्रों पास पर नकेल कसने के प्रयास मे, 1878 में, भारत के तत्कालीन वायसराय ‘लॉर्ड लिटन’ ने वर्नाकुलर प्रेस अधिनियम को किया। ‘सुधारक’ पत्रिका ‘हिन्दी और बांग्ला भाषा’ दोनों में प्रकाशित किया गया था।