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Q: How did the study of history help in creating a feeling of nationalism in India towards the end of the 19th century? 19वीं शताब्दी के अंत में इतिहास के अध्ययन ने भारत में राष्ट्रीयता की भावना पैदा करने में किस प्रकार मदद की?
  • A. By urging people to struggle and change the miserable conditions of life under the British rule ब्रिटिश शासन के तहत दयनीय स्थितियों को बदलने और संघर्ष करने के लिए लोगों से आग्रह करके
  • B. By reinterpreting history and refuting the British protrayal of Indians as backward, primitive and incapable of governing theselves इतिहास की पुनर्व्याख्या करके और अंग्रेजों द्वारा भारतीयों को पिछड़ा, आदिम और खुद पर शासन करने में असमर्थ के रूप में चित्रित करने का खंडन करके
  • C. By urging people to struggle and change the miserable conditions of life under the British rule भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में लिखकर और लोगों से उनकी उपलब्धियों पर गर्व करने का आग्रह करके
  • D. More than one of the above उपर्युक्त में से एक से अधिक
Correct Answer: Option D - 19वीं शताब्दी के अंत में इतिहास के अध्ययन ने भारत में राष्ट्रीयता की भावना पैदा करने में विशेष योगदान दिया। इसके साथ ही ब्रिटिश शासन के तहत दयनीय स्थितियों और संघर्ष का आह्वान करके तथा इतिहास की पुनर्व्याख्या करके और अंग्रेजों द्वारा भारतीयों को पिछड़ा आदिम और खुद पर शासन करने में असमर्थ के रूप में चित्रित करने का खण्डन करके राष्ट्रीयता की भावना का विकास किया गया। इसके साथ ही भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में लिखकर और लोगों से उनकी उपलब्धियों पर गर्व करने का आग्रह किया गया। जो जन जागरूकता का माध्यम भी बना। अत: कथन (a) (b) और (c) तीनों सत्य हैं।
D. 19वीं शताब्दी के अंत में इतिहास के अध्ययन ने भारत में राष्ट्रीयता की भावना पैदा करने में विशेष योगदान दिया। इसके साथ ही ब्रिटिश शासन के तहत दयनीय स्थितियों और संघर्ष का आह्वान करके तथा इतिहास की पुनर्व्याख्या करके और अंग्रेजों द्वारा भारतीयों को पिछड़ा आदिम और खुद पर शासन करने में असमर्थ के रूप में चित्रित करने का खण्डन करके राष्ट्रीयता की भावना का विकास किया गया। इसके साथ ही भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में लिखकर और लोगों से उनकी उपलब्धियों पर गर्व करने का आग्रह किया गया। जो जन जागरूकता का माध्यम भी बना। अत: कथन (a) (b) और (c) तीनों सत्य हैं।

Explanations:

19वीं शताब्दी के अंत में इतिहास के अध्ययन ने भारत में राष्ट्रीयता की भावना पैदा करने में विशेष योगदान दिया। इसके साथ ही ब्रिटिश शासन के तहत दयनीय स्थितियों और संघर्ष का आह्वान करके तथा इतिहास की पुनर्व्याख्या करके और अंग्रेजों द्वारा भारतीयों को पिछड़ा आदिम और खुद पर शासन करने में असमर्थ के रूप में चित्रित करने का खण्डन करके राष्ट्रीयता की भावना का विकास किया गया। इसके साथ ही भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में लिखकर और लोगों से उनकी उपलब्धियों पर गर्व करने का आग्रह किया गया। जो जन जागरूकता का माध्यम भी बना। अत: कथन (a) (b) और (c) तीनों सत्य हैं।