Correct Answer:
Option A - हिमालयी भूरा भालू, एशियाई जंगली भैंसे, रेगिस्तानी लोमड़ी दुर्लभ प्रजाति के उदाहरण हैं। दुर्लभ प्रजातियों के जीवों को प्रभावित करने वाले नकारात्मक कारकों की सक्रियता से छोटी प्रजातियों लुप्तप्राय या कमजोर श्रेणी में आने लगती हैं। इसलिए इनके संरक्षण की विशेष आवश्यकता होती है।
A. हिमालयी भूरा भालू, एशियाई जंगली भैंसे, रेगिस्तानी लोमड़ी दुर्लभ प्रजाति के उदाहरण हैं। दुर्लभ प्रजातियों के जीवों को प्रभावित करने वाले नकारात्मक कारकों की सक्रियता से छोटी प्रजातियों लुप्तप्राय या कमजोर श्रेणी में आने लगती हैं। इसलिए इनके संरक्षण की विशेष आवश्यकता होती है।