Correct Answer:
Option A - बीसवीं शताब्दी की आधुनिक जर्मन कला के अन्तर्गत अभिव्यंजना के अतिरिक्त एक ऐसा प्रवाह था जो वस्तुनिरपेक्षता की ओर अग्रसर था व उसका प्रमुख केन्द्र था `बौहौस। 1919 में वाइमार कला संस्था के प्रधान पद पर वाल्टेर ग्रोपियस नाम के वास्तु कलाकार की नियुक्ति हुई। उन्होंने संस्था को `बौहौस' नाम दिया जिसका मध्ययुगीन कलाकार संघ (जहाँ वास्तु कलाकार) के निर्देशन में चित्रकार व मूर्तिकार काम करते थे।) की ओर संकेत था।
A. बीसवीं शताब्दी की आधुनिक जर्मन कला के अन्तर्गत अभिव्यंजना के अतिरिक्त एक ऐसा प्रवाह था जो वस्तुनिरपेक्षता की ओर अग्रसर था व उसका प्रमुख केन्द्र था `बौहौस। 1919 में वाइमार कला संस्था के प्रधान पद पर वाल्टेर ग्रोपियस नाम के वास्तु कलाकार की नियुक्ति हुई। उन्होंने संस्था को `बौहौस' नाम दिया जिसका मध्ययुगीन कलाकार संघ (जहाँ वास्तु कलाकार) के निर्देशन में चित्रकार व मूर्तिकार काम करते थे।) की ओर संकेत था।