Q: ‘हँसी भीतरी आनंद का बाहरी चिह्न है’ - आशय स्पष्ट कीजिए।
A.
हँसी भीतरी चीज है, बाहरी नहीं है।
B.
हँसी बाहरी दिखावा है।
C.
हँसी मन के आनंद को बाहर प्रकट करती है।
D.
हँसी का आनंद अंदर और बाहर दोनों जगह प्रकट होता है।
Correct Answer:
Option D - ‘हँसी भीतरी आनंद का बाहरी चिह्न है’ गद्यांश के अनुसार उपर्युक्त पंक्ति का आशय है - हँसी का आनंद अंदर और बाहर दोनों जगह प्रकट होता है।
D. ‘हँसी भीतरी आनंद का बाहरी चिह्न है’ गद्यांश के अनुसार उपर्युक्त पंक्ति का आशय है - हँसी का आनंद अंदर और बाहर दोनों जगह प्रकट होता है।
Explanations:
‘हँसी भीतरी आनंद का बाहरी चिह्न है’ गद्यांश के अनुसार उपर्युक्त पंक्ति का आशय है - हँसी का आनंद अंदर और बाहर दोनों जगह प्रकट होता है।
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