Correct Answer:
Option C - भारतेन्दु युग के साहित्यकार बालकृष्ण भट्ट ने `रेल का विकट खेल', `नई रोशनी का विष', `शिक्षादान', `नल दमयन्ती स्वयंवर', `कालिदास की सभा', `चन्द्रसेन', `बाल-विवाह' आदि नाटकों की रचना की। बालकृष्ण भट्ट ने `हिन्दी प्रदीप' नामक पत्र का सम्पादन भी किया। प्रताप नारायण मिश्र ने `हठी हमीर' तथा `कलि कौतुक' नामक नाटकों की रचना की।
C. भारतेन्दु युग के साहित्यकार बालकृष्ण भट्ट ने `रेल का विकट खेल', `नई रोशनी का विष', `शिक्षादान', `नल दमयन्ती स्वयंवर', `कालिदास की सभा', `चन्द्रसेन', `बाल-विवाह' आदि नाटकों की रचना की। बालकृष्ण भट्ट ने `हिन्दी प्रदीप' नामक पत्र का सम्पादन भी किया। प्रताप नारायण मिश्र ने `हठी हमीर' तथा `कलि कौतुक' नामक नाटकों की रचना की।