Correct Answer:
Option D - हालावाद के प्रवर्तक हरिवंशराय बच्चन द्वारा लिखित उनकी आत्मकथा चार भागों में प्रकाशित हो चुकी है। पहला भाग क्या भूलूँ क्या याद करूँ (1969 ई.), दूसरा भाग नीड़ का निर्माण फिर (1970 ई.) में, तीसरा भाग बसेरे से दूर (1977 ई.) में तथा चौथा भाग दसद्वार से सोपान तक (1985 ई.) में प्रकाशित हुई थी। यही उनकी आत्मकथा के चार खण्ड हैं।
D. हालावाद के प्रवर्तक हरिवंशराय बच्चन द्वारा लिखित उनकी आत्मकथा चार भागों में प्रकाशित हो चुकी है। पहला भाग क्या भूलूँ क्या याद करूँ (1969 ई.), दूसरा भाग नीड़ का निर्माण फिर (1970 ई.) में, तीसरा भाग बसेरे से दूर (1977 ई.) में तथा चौथा भाग दसद्वार से सोपान तक (1985 ई.) में प्रकाशित हुई थी। यही उनकी आत्मकथा के चार खण्ड हैं।