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Q: हिन्दी साहित्य के 700 से 1400 ई. के काल खंड को ग्रियर्सन ने क्या नाम किया है?
  • A. संधिकाल
  • B. प्रारम्भिक काल
  • C. चारण काल
  • D. अपभ्रंश काल
Correct Answer: Option C - हिन्दी साहित्य के 700 से 1400 ई. के कालखण्ड को ग्रियर्सन ने ‘चारण काल’ नाम दिया है। काल विभाजन का पहला प्रयास ग्रियर्सन ने अपनी पुस्तक ‘द मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफर हिन्दुस्तान’ में किया है। इन्होंने सम्पूर्ण साहित्य को 11 भागों में बाँटते हुए आदिकाल को चारणकाल नाम दिया है जबकि संधिकाल एवं चारण काल रामकुमार वर्मा, ‘प्रारम्भिक या उन्मेषकाल’ गणपतिचन्द्र गुप्त और धीरेन्द्र वर्मा ने आदिकाल को ‘अपभ्रंश काल’ कहा है।
C. हिन्दी साहित्य के 700 से 1400 ई. के कालखण्ड को ग्रियर्सन ने ‘चारण काल’ नाम दिया है। काल विभाजन का पहला प्रयास ग्रियर्सन ने अपनी पुस्तक ‘द मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफर हिन्दुस्तान’ में किया है। इन्होंने सम्पूर्ण साहित्य को 11 भागों में बाँटते हुए आदिकाल को चारणकाल नाम दिया है जबकि संधिकाल एवं चारण काल रामकुमार वर्मा, ‘प्रारम्भिक या उन्मेषकाल’ गणपतिचन्द्र गुप्त और धीरेन्द्र वर्मा ने आदिकाल को ‘अपभ्रंश काल’ कहा है।

Explanations:

हिन्दी साहित्य के 700 से 1400 ई. के कालखण्ड को ग्रियर्सन ने ‘चारण काल’ नाम दिया है। काल विभाजन का पहला प्रयास ग्रियर्सन ने अपनी पुस्तक ‘द मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफर हिन्दुस्तान’ में किया है। इन्होंने सम्पूर्ण साहित्य को 11 भागों में बाँटते हुए आदिकाल को चारणकाल नाम दिया है जबकि संधिकाल एवं चारण काल रामकुमार वर्मा, ‘प्रारम्भिक या उन्मेषकाल’ गणपतिचन्द्र गुप्त और धीरेन्द्र वर्मा ने आदिकाल को ‘अपभ्रंश काल’ कहा है।