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Q: ‘हिन्दी नई चाल में ढली’ – भारतेन्दु जी की यह पंक्ति उनकी किस रचना से ली गयी है?
  • A. भारत-दुर्दशा
  • B. कालचक्र
  • C. अन्धेर नगरी
  • D. बादशाह – दर्पण
Correct Answer: Option B - ‘हिन्दी नई चाल में ढली’ –भारतेन्दु जी की यह पंक्ति 1873 ई० में प्रकाशित ‘कालचक्र’ रचना से ली गयी है। इन्होंने नारद भक्ति सूत्र का तदीय सर्वस्व एवं शांडिल्य भक्ति सूत्र का भक्ति सूत्र वैजयंती शीर्षक से अनुवाद किया। इनके द्वारा रचित काव्य कृतियाँ– भक्ति सर्वस्व, प्रेम-मालिका कार्तिक स्नान, वैशाख माहात्म्य, प्रेम सरोवर, प्रेम माधुरी।
B. ‘हिन्दी नई चाल में ढली’ –भारतेन्दु जी की यह पंक्ति 1873 ई० में प्रकाशित ‘कालचक्र’ रचना से ली गयी है। इन्होंने नारद भक्ति सूत्र का तदीय सर्वस्व एवं शांडिल्य भक्ति सूत्र का भक्ति सूत्र वैजयंती शीर्षक से अनुवाद किया। इनके द्वारा रचित काव्य कृतियाँ– भक्ति सर्वस्व, प्रेम-मालिका कार्तिक स्नान, वैशाख माहात्म्य, प्रेम सरोवर, प्रेम माधुरी।

Explanations:

‘हिन्दी नई चाल में ढली’ –भारतेन्दु जी की यह पंक्ति 1873 ई० में प्रकाशित ‘कालचक्र’ रचना से ली गयी है। इन्होंने नारद भक्ति सूत्र का तदीय सर्वस्व एवं शांडिल्य भक्ति सूत्र का भक्ति सूत्र वैजयंती शीर्षक से अनुवाद किया। इनके द्वारा रचित काव्य कृतियाँ– भक्ति सर्वस्व, प्रेम-मालिका कार्तिक स्नान, वैशाख माहात्म्य, प्रेम सरोवर, प्रेम माधुरी।