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निर्देश (190-195) :- निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पथ भूल न जाना पथिक कहीं। पथ में काँटे तो होेंगें ही, दूर्वादल, सरिता, सर होंगें। सुंदर गिरि-वन-वापी होंगें, सुंदर-सुंदर निर्झर होंगे। सुंदरता की मृग-तृष्णा में, पथ भूल न जान पथिक कहीं। जब कठिन कर्म-पगडंडी पर, राही का मन उन्मुख होगा। जब सपने सब मिट जाएँगें, कर्तव्य मार्ग सम्मुख होगा। तब अपनी प्रथम विफलता में, पथ भूल न जाना पथिक कहीं।। किस स्थिति में पथिक द्वारा पथ भूल जाने की आशंका है?