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Q: निर्देश (190-195) :- निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पथ भूल न जाना पथिक कहीं। पथ में काँटे तो होेंगें ही, दूर्वादल, सरिता, सर होंगें। सुंदर गिरि-वन-वापी होंगें, सुंदर-सुंदर निर्झर होंगे। सुंदरता की मृग-तृष्णा में, पथ भूल न जान पथिक कहीं। जब कठिन कर्म-पगडंडी पर, राही का मन उन्मुख होगा। जब सपने सब मिट जाएँगें, कर्तव्य मार्ग सम्मुख होगा। तब अपनी प्रथम विफलता में, पथ भूल न जाना पथिक कहीं।। किस स्थिति में पथिक द्वारा पथ भूल जाने की आशंका है?
  • A. साहस के साथ चलना।
  • B. सौंदर्य के प्रति आसक्ति।
  • C. विवेकपूर्ण सामना।
  • D. आशावादी दृष्टिकोण।
Correct Answer: Option B - ‘सौन्दर्य के प्रति आसक्ति’ की स्थिति में पथिक द्वारा पथ भूल जाने की आशंका है।
B. ‘सौन्दर्य के प्रति आसक्ति’ की स्थिति में पथिक द्वारा पथ भूल जाने की आशंका है।

Explanations:

‘सौन्दर्य के प्रति आसक्ति’ की स्थिति में पथिक द्वारा पथ भूल जाने की आशंका है।