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Q: हमारे देश की सबसे प्राचीन भाषा कौन सी है?
  • A. हिंदी
  • B. पाली
  • C. संस्कृत
  • D. उर्दू
Correct Answer: Option C - हमारे देश की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है। संस्कृत भाषा (संस्कृतम्) भारतीय उपमहाद्वीप की एक भाषा है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। संस्कृत में वैदिक धर्म से संबंधित लगभग सभी धर्मग्रन्थ लिखे गये हैं। बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म के भी कई महत्वपूर्ण ग्रन्थ संस्कृत में लिखे गये हैं। आज भी हिन्दू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती है। डॉ. भीम राव अम्बेडकर का मानना था कि संस्कृत पूरे भारत की भाषाई एकता के सूत्र में बांध सकने वाली इकलौती भाषा हो सकती है। अत: इसे देश की आधिकारिक भाषा बनाने का सुझाव दिया था। भारत के संविधान के आठवीं अनुसूची में संस्कृत को भी सम्मिलित किया गया है। यह उत्तराखण्ड की द्वितीय राज भाषा है।
C. हमारे देश की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है। संस्कृत भाषा (संस्कृतम्) भारतीय उपमहाद्वीप की एक भाषा है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। संस्कृत में वैदिक धर्म से संबंधित लगभग सभी धर्मग्रन्थ लिखे गये हैं। बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म के भी कई महत्वपूर्ण ग्रन्थ संस्कृत में लिखे गये हैं। आज भी हिन्दू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती है। डॉ. भीम राव अम्बेडकर का मानना था कि संस्कृत पूरे भारत की भाषाई एकता के सूत्र में बांध सकने वाली इकलौती भाषा हो सकती है। अत: इसे देश की आधिकारिक भाषा बनाने का सुझाव दिया था। भारत के संविधान के आठवीं अनुसूची में संस्कृत को भी सम्मिलित किया गया है। यह उत्तराखण्ड की द्वितीय राज भाषा है।

Explanations:

हमारे देश की सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत है। संस्कृत भाषा (संस्कृतम्) भारतीय उपमहाद्वीप की एक भाषा है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। संस्कृत में वैदिक धर्म से संबंधित लगभग सभी धर्मग्रन्थ लिखे गये हैं। बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म के भी कई महत्वपूर्ण ग्रन्थ संस्कृत में लिखे गये हैं। आज भी हिन्दू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती है। डॉ. भीम राव अम्बेडकर का मानना था कि संस्कृत पूरे भारत की भाषाई एकता के सूत्र में बांध सकने वाली इकलौती भाषा हो सकती है। अत: इसे देश की आधिकारिक भाषा बनाने का सुझाव दिया था। भारत के संविधान के आठवीं अनुसूची में संस्कृत को भी सम्मिलित किया गया है। यह उत्तराखण्ड की द्वितीय राज भाषा है।