Correct Answer:
Option A - हमारे संविधान के भाग- IX में पंचायती राज के तीन सोपानों की व्यवस्था का विवेचन किया गया है। त्रिस्तरीय या तीन सोपानों वाली पंचायती राज व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों का परिणाम था। हमारे मूल संविधान में इस अधिनियम को अनुच्छेद-40 में एक व्यावहारिक रूप में वर्णित किया गया था जिसमें यह कहा गया है कि –‘‘ग्राम पंचायतों को गठित करने के लिए राज्य कदम उठाएगा और उन्हें आवश्यक शक्तियां और प्राधिकार प्रदान करेगा जिससे कि वे स्वशासन की इकाई की तरह कार्य करने में सक्षम हो।’’ यह अनुच्छेद राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का एक हिस्सा है। 24 अप्रैल, 1993 को, 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा भारत के संविधान में एक नया खंड IX सम्मिलित किया गया तथा इसी अधिनियम द्वारा संविधान में एक नई अनुसूची (11) जोड़ी गई।
A. हमारे संविधान के भाग- IX में पंचायती राज के तीन सोपानों की व्यवस्था का विवेचन किया गया है। त्रिस्तरीय या तीन सोपानों वाली पंचायती राज व्यवस्था बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों का परिणाम था। हमारे मूल संविधान में इस अधिनियम को अनुच्छेद-40 में एक व्यावहारिक रूप में वर्णित किया गया था जिसमें यह कहा गया है कि –‘‘ग्राम पंचायतों को गठित करने के लिए राज्य कदम उठाएगा और उन्हें आवश्यक शक्तियां और प्राधिकार प्रदान करेगा जिससे कि वे स्वशासन की इकाई की तरह कार्य करने में सक्षम हो।’’ यह अनुच्छेद राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का एक हिस्सा है। 24 अप्रैल, 1993 को, 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा भारत के संविधान में एक नया खंड IX सम्मिलित किया गया तथा इसी अधिनियम द्वारा संविधान में एक नई अनुसूची (11) जोड़ी गई।