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Q: बिहार के निम्नलिखित में से किस जिले में कपास उत्पादन की सघनता नहीं है?
  • A. भागलपुर और गया
  • B. नालन्दा और गया
  • C. रोहतास और कैमूर
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - भारत को कपास के पौधे का मूल स्थान माना जाता है सूती कपड़ा उद्योग में कपास एक मुख्य कच्चा माल है कपास उत्पादन में भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है। (FAO 2023)। दक्कन पठार के शुष्कतर भागों की काली मिट्टी कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस फसल को उगाने के लिए उच्च तापमान, हल्की वर्षा या सिचाई, 210 पाला रहित दिन और खिली धूप की आवश्यकता होती है। बिहार कपास क्षेत्र:- भागलपुर, सुपौल, जमुई, औरंगाबाद, बांका, मुंगेर, नालंदा, कटिहार और पूर्णिया आदि।
D. भारत को कपास के पौधे का मूल स्थान माना जाता है सूती कपड़ा उद्योग में कपास एक मुख्य कच्चा माल है कपास उत्पादन में भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है। (FAO 2023)। दक्कन पठार के शुष्कतर भागों की काली मिट्टी कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस फसल को उगाने के लिए उच्च तापमान, हल्की वर्षा या सिचाई, 210 पाला रहित दिन और खिली धूप की आवश्यकता होती है। बिहार कपास क्षेत्र:- भागलपुर, सुपौल, जमुई, औरंगाबाद, बांका, मुंगेर, नालंदा, कटिहार और पूर्णिया आदि।

Explanations:

भारत को कपास के पौधे का मूल स्थान माना जाता है सूती कपड़ा उद्योग में कपास एक मुख्य कच्चा माल है कपास उत्पादन में भारत का विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान है। (FAO 2023)। दक्कन पठार के शुष्कतर भागों की काली मिट्टी कपास उत्पादन के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इस फसल को उगाने के लिए उच्च तापमान, हल्की वर्षा या सिचाई, 210 पाला रहित दिन और खिली धूप की आवश्यकता होती है। बिहार कपास क्षेत्र:- भागलपुर, सुपौल, जमुई, औरंगाबाद, बांका, मुंगेर, नालंदा, कटिहार और पूर्णिया आदि।