Correct Answer:
Option C - हाइड्रोफोबिया या रेबीज रोग पागल कुत्ते के काटने से होता है। यह वायरस जनित रोग है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को मुख्यत: प्रभावित करता है। यह रोग शत-प्रतिशत घातक होता है। यह रोग लाइसा वायरस टाइप-I (Lyssa Virus Type-I) द्वारा होता है। मनुष्य में यह रोग ऐसे किसी जानवर के काटने से होता है जिसमें रेबीज के विषाणु विद्यमान होते हैं। सिरदर्द, गले में दर्द, हल्का बुखार इस रोग के प्राथमिक लक्षण हैं। इसमें रोगी पागल हो जाता है तथा कुत्ते की तरह भौंकने लगता है। इसके टीके की खोज लुई पाश्चर ने किया था।
C. हाइड्रोफोबिया या रेबीज रोग पागल कुत्ते के काटने से होता है। यह वायरस जनित रोग है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को मुख्यत: प्रभावित करता है। यह रोग शत-प्रतिशत घातक होता है। यह रोग लाइसा वायरस टाइप-I (Lyssa Virus Type-I) द्वारा होता है। मनुष्य में यह रोग ऐसे किसी जानवर के काटने से होता है जिसमें रेबीज के विषाणु विद्यमान होते हैं। सिरदर्द, गले में दर्द, हल्का बुखार इस रोग के प्राथमिक लक्षण हैं। इसमें रोगी पागल हो जाता है तथा कुत्ते की तरह भौंकने लगता है। इसके टीके की खोज लुई पाश्चर ने किया था।