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Q: Group of countries in descending order in production of paddy is correct : विश्व में धान उत्पादन में देशों के समूह में अवरोही क्रम में सही है–
  • A. India, China, Brazil, Bangladesh भारत, चीन, ब्राजील, बांगलादेश
  • B. China, India, Japan, Indonesia चीन, भारत, जापान, इण्डोनेशिया
  • C. China, India, Pakistan, Indonesia चीन, भारत, पाकिस्तान, इण्डोनेशिया
  • D. China, India, Indonesia, U.S.A. चीन, भारत, इण्डोनेशिया, संयुक्त राज्य अमेरिका
Correct Answer: Option D - विश्व में धान उत्पादक देशों का अवरोही क्रम चीन, भारत, इण्डोनेशिया एवं सयुक्त राज्य अमेरिका है। FAO के अद्यतन आँकड़ों के आधार पर विश्व में धान उत्पादक देशों का (अवरोही क्रम में) (1) चीन, (2) भारत, (3) इण्डोनेशिया, (4) बांग्लादेश, (5) वियतनाम प्रमुख स्थान है। चावल एक उष्ण कटिबन्धीय फसल है जबकि इसकी कृषि मुख्यत: उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में की जाती है। चावल की कृषि के लिए औसत तापमान 24ºC से 27ºC के मध्य तथा र्वािषक वर्षा 125 सेमी़ से 150 सेमी. तक, यह वर्षा नियमित रूप से होनी चाहिए तथा उपजाऊ दोमट मिट्टी एवं जलोढ़ मिट्टी एवं सस्ता श्रम आवश्यक होता है। मानसूनी प्रदेश की जलवायु चावल की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।
D. विश्व में धान उत्पादक देशों का अवरोही क्रम चीन, भारत, इण्डोनेशिया एवं सयुक्त राज्य अमेरिका है। FAO के अद्यतन आँकड़ों के आधार पर विश्व में धान उत्पादक देशों का (अवरोही क्रम में) (1) चीन, (2) भारत, (3) इण्डोनेशिया, (4) बांग्लादेश, (5) वियतनाम प्रमुख स्थान है। चावल एक उष्ण कटिबन्धीय फसल है जबकि इसकी कृषि मुख्यत: उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में की जाती है। चावल की कृषि के लिए औसत तापमान 24ºC से 27ºC के मध्य तथा र्वािषक वर्षा 125 सेमी़ से 150 सेमी. तक, यह वर्षा नियमित रूप से होनी चाहिए तथा उपजाऊ दोमट मिट्टी एवं जलोढ़ मिट्टी एवं सस्ता श्रम आवश्यक होता है। मानसूनी प्रदेश की जलवायु चावल की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।

Explanations:

विश्व में धान उत्पादक देशों का अवरोही क्रम चीन, भारत, इण्डोनेशिया एवं सयुक्त राज्य अमेरिका है। FAO के अद्यतन आँकड़ों के आधार पर विश्व में धान उत्पादक देशों का (अवरोही क्रम में) (1) चीन, (2) भारत, (3) इण्डोनेशिया, (4) बांग्लादेश, (5) वियतनाम प्रमुख स्थान है। चावल एक उष्ण कटिबन्धीय फसल है जबकि इसकी कृषि मुख्यत: उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में की जाती है। चावल की कृषि के लिए औसत तापमान 24ºC से 27ºC के मध्य तथा र्वािषक वर्षा 125 सेमी़ से 150 सेमी. तक, यह वर्षा नियमित रूप से होनी चाहिए तथा उपजाऊ दोमट मिट्टी एवं जलोढ़ मिट्टी एवं सस्ता श्रम आवश्यक होता है। मानसूनी प्रदेश की जलवायु चावल की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।